सुचित्रा मितरा ने शुक्रवार शाम प्राचीन कला केंद्र-35 में भरतनाट्यम पेश किया। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन और प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धी विनायक ने अपनी स्तुति से की।
इसके बाद सुचित्रा ने ‘कृष्ण नि बैगाने बरो’ से कृष्ण और राधा के प्रेम को दर्शाया। सुचित्रा ने ‘अष्टपदी’ और ‘गीता उपदेश’ से कार्यक्रम का अंत किया।
इस मौके पर सुचित्रा ने बताया कि वह 1986 से भारतनाट्यम कर रही हूं। इसके लिए 1995 में अपनी जॉब भी छोड़ दी थी।
उन्होंने बताया चेन्नई से भारतनाट्यम का डिप्लोमा और लखनऊ से विषारद की डीग्री ली। इससे मेरा झुकाव राध-कृष्ण के प्रेम की तरफ लगाया ज्यादा हो गया। उन्होंने बताया वह विदेशों में भी भारतनाट्यम की प्रस्तुति कर चुकी है।