-सुप्रीमकोर्ट के आदेश का असर, मेडिकल टीम फिर जांच के लिए पहुंची
-पंजाब सरकार डल्लेवाल की सेहत पर तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार करने में जुटी
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खनौरी से विशाल पाठक
खनौरी में आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत काफी चिंताजनक है। उनका वजन 19.8 किलो घट गया है। वीरवार को सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई के बाद पटियाला राजिंदरा हॉस्पिटल से मेडिकल टीम ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जांच की थी। बीकेयू सिद्धूपुर के महासचिव और खनौरी मोर्चा के नेता काका सिंह कोटड़ा ने बताया कि वीरवार को हुइ जांच की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि 26 नवंबर को डल्लेवाल का वजन 86 किलो 200 ग्राम था, जोकि 52 दिन में 19.8 किलोग्राम घटकर 66 किलो 400 ग्राम रह गया है। डल्लेवाल अब पानी भी हजम नहीं कर पा रहे हैं। डॉक्टरों की टीम के अलावा खनौरी पर सरकार की ओर से गठित प्रशासनिक टीम भी तुलनात्मक रिपोर्ट बना रही है।प्रशासनिक टीम में रिटायर्ड एडीजीपी जसकरण सिंह, रिटायर्ड डीआईजी नरिंदर भार्गव, डीआईजी पटियाला मनदीप सिद्धू और एसएसपी पटियाला नानक सिंह ने खनौरी बॉर्डर पहुंच कर डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में डल्लेवाल की स्वास्थ्य रिपोर्ट पेश करेगी।
हरियाणा की हद में 111 किसानों का अनशन जारी, डॉक्टरों की टीम तैनात
खनौरी बॉर्डर पर हरियाणा की हद में जाकर आमरण अनशन कर रहे 111 किसानाें के जत्थे के स्वास्थ्य देखभाल के लिए हरियाणा सरकार ने भी मेडिकल टीम तैनात कर दी है। डॉक्टरों की मेडिकल टीम के अलावा इमरजेंसी सेवाओं के लिए एक एंबुलेंस भी तैनात की गई है। हरियाणा के डाॅक्टरों की टीम ने बताया कि दिन में दो बार किसानों का ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और वजन किया जाएगा। हरियाणा की जमीन पर आमरण अनशन कर रहे किसानों की देखभाल का जिम्मा अब हरियाणा सरकार का हो गया है। डॉक्टरों ने कहा कि वह जल्द ही किसान नेताओं से एक मंजूरी लेंगे कि अगर किसी किसान की तबीयत बेहद ही खराब होती है, तो उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए यहां से ले जाने की अनुमति दी जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि वीरवार सुबह जिला कपूरथला के गांव अंबोवाल के 35 साल के युवा किसान पिरतपाल को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे वह मौके पर बेसुध हो गया, मौके पर मौजूदा डॉक्टरों ने टीम ने उसका इलाज किया। हरियाणा से किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक 111 किसानों का अनशन जारी रहेगा।
किसानों ने दवाई लेने से किया इन्कार
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे 111 किसानों के जत्थे ने भी अब डल्लेवाल की तर्ज पर दवाई लेने से इन्कार कर दिया है। जत्थे में 80 प्रतिशत किसान बुजुर्ग हैं, जो 60 साल से अधिक उम्र के हैं। इनमें से कई किसान 70 से 75 साल के बीच के भी हैं। बेशक हरियाणा सरकार ने मेडिकल टीम तैनात कर दी है, लेकिन किसानों ने तबीयत खराब होने या अपने किसी भी मर्ज की दवाई लेने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में इन किसानों के अनशन से खनौरी बॉर्डर पर हालात चिंताजनक हो गए हैं।