हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में आउटसोर्सिंग के तहत स्टाफ से डीए और अन्य भत्तों की रिकवरी की जाएगी। सरकार को मिली जानकारी के अनुसार कॉलेजों के आउटसोर्स स्टाफ को इन भत्तों को भुगतान किया गया है। बाकायदा, इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव तक पहुंची है।
वित्त विभाग की छानबीन के बाद पाया गया है कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी-टू के तहत कॉलेजों में तैनात स्टाफ को भी महंगाई और अन्य भत्ते दिए गए हैं। जबकि ये कर्मचारी महंगाई एवं अन्य भत्ते पाने के हकदार नहीं हैं।
मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार आउटसोर्सिंग पॉलिसी-टू के तहत नियुक्त किए गए कर्मचारियों को केवल न्यूनतम वेतन ही दिया जा सकता है, डीए व अन्य भत्तों का भुगतान नहीं कर सकते। सरकार की जानकारी के अनुसार कॉलेजों में बीते कई सालों से इन भत्तों का भुगतान आउटसोर्स कर्मचारियों को चला आ रहा है।
जिससे सरकार को खजाने में चपत लग रही है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक को आगाह किया गया है कि डीए व अन्य भत्तों का भुगतान तत्काल रोका जाए। साथ ही पूर्व में आउटसोर्सिंग स्टाफ को देय भत्तों की पूरी राशि की रिकवरी की जाए।
मुख्य सचिव कार्यालय की हिदायत के बाद उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रिंसिपलों को निर्देश दिए गए हैं कि इस काम को अति आवश्यक लें और अपने-अपने कॉलेज में ये भत्ते पा चुके स्टाफ से तत्काल रिकवरी शुरू की जाए।