चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने इसी साल अगस्त में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के जरिये करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी 10 हजार रुपये का लालच देकर लोगों के खाते खोलते थे। आरोपियों को सेक्टर-25 (कजहेड़ी) के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह के सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें से तीन को चंडीगढ़ जिला अदालत से जमानत मिली है। आरोपियों में सुशील कुमार मिश्रा (यूपी ) पुष्पेंदर द्विवेदी (छत्तीसगढ़) और दीपक शर्मा (छत्तीसगढ़) है।
आरोपियों का केस लड़ने वाले एडवोकेट अवनीत सिंह चीमा ने कोर्ट में दलील दी कि तीनों करीब चार महीने से जेल में बंद है। पुलिस ने इनके खिलाफ झूठा केस बनाया है। वहीं, केस के ट्रायल में अभी समय लगेगा। इसलिए तीनों को जमानत दी जाए। अदालत ने आरोपियों के वकील की दलीलें सुनने के बाद तीनों की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
रेड कर किए थे आरोपी गिरफ्तार
11 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-52 के एक होटल में एक व्यक्ति को खाता खोलने के बदले 10,000 रुपये का लालच दिया जा रहा है। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने होटल की जांच की, जहां से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इन आरोपियों ने महादेव एप से जुड़े होने की बात स्वीकार की और बताया कि वे इसी एप के जरिये ठगी करते थे।
10 हजार देकर खुलवाते थे बैंक खाते
जांच में सामने आया कि आरोपी गरीब लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ये खाते महादेव एप के जरिये देशभर में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इस एप के जरिये अब तक कई राज्यों में हजारों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं और इसके खिलाफ कई केस भी दर्ज हो चुके हैं। गिरोह का सरगना, जो हर खाते के लिए इन ठगों को 10 हजार रुपये देता था।
बिना एंट्री के ठहरे थे होटल में
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी चंडीगढ़ के एक होटल में ठहरे हुए थे, जहां उनकी एंट्री होटल के रजिस्टर में नहीं की गई थी। अविनाश, जो चंडीगढ़ के एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है, इन ठगों की मदद से फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। अंकित जैन, जो बीटेक पास है, ने महादेव एप से फ्रेंचाइजी ली थी और इसी एप के माध्यम से सट्टेबाजी कर लोगों से ठगी करता था। महादेव एप के माध्यम से देशभर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, और इसके खिलाफ कई राज्यों में पहले से ही मामले दर्ज हैं।