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पंजाब: दो करोड़ के साइबर बैंक घोटाले का खुलासा, मुख्य आरोपी लुधियाना से गिरफ्तार

Fri, 28 Aug 2020 01:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • दो आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है पंजाब पुलिस
  • स्टेट साइबर क्राइम, एसएएस नगर में दर्ज किया गया मुकदमा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पंजाब पुलिस स्टेट साइबर क्राइम सेल ने राज्य में आधुनिक सूचना तकनीक के जरिए साइबर बैंक घोटाले का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरोह के मुख्य सरगना अमित शर्मा उर्फ नितिन को गुरुवार को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है, जो करीब सात महीनों से फरार चल रहा था। इस मामले में स्टेट साइबर क्राइम, एसएएस नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टर-कम-एडीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि साइबर क्राइम सेल ने इस केस की जांच एचडीएफसी बैंक के लोकेशन मैनेजर विजय कुमार की शिकायत पर की है। जिसने आरोप लगाया है कि एचडीएफसी बैंक खाते से लगभग 2 करोड़ रुपये की तकनीकी ढंग से धोखाधड़ी की गई है। 

पुलिस को पड़ताल के दौरान यह पता लगा कि साइबर धोखाधड़ी करने वाले ने नेट बैंकिंग के द्वारा खाते से पैसे निकाल कर पांच अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। उन्होंने कहा कि यह बैंक खाते नकली पहचान पत्रों के द्वारा खोले गए थे और इसके बाद खातों से एटीएम और स्व-चेक द्वारा नकदी निकलवाई गई।

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ऐसी दिया साइबर अपराध को अंजाम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों ने बैंक खाते के साथ रजिस्टर किए गए ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों को उसी जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी में तब्दील कर दिया, जिस कारण आरोपी अपने इन मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी के द्वारा उसके खातों का वर्चुअल कंट्रोलर बन गया। इस केस में अमित शर्मा उर्फ नितिन ने अपने आप को आकाश अरुण भाटिया (केस का पीड़ित) के तौर पर अपनी पहचान बनाई और उसके (भाटिया) बैंक खातों की इंटरनेट बैंकिंग पहुंच हासिल कर ली। इसके बाद आरोपी ने नकली दस्तावेज जमा करवा कर विक्रम सिंह के नाम पर खोले और पांच अलग-अलग खातों में पैसे तब्दील कर लिए।

एटीएम से निकाले पैसे
आरोपियों ने एटीएम कार्डों और चेकों के द्वारा सारे पैसे निकाले। जिससे पुलिस को कोई सुराग न मिल सका। इसके अलावा, मोबाइल नंबर सिर्फ अपराध करने के समय ही इस्तेमाल किए जाते थे और उसके बाद नॉट-रीचेबल हो जाते थे। अर्पित शुक्ला ने कहा कि जांच के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन से पता लगा कि लुटेरे लुधियाना से गिरोह चला रहे थे।

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं दो आरोपी
धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपी राजीव कुमार पुत्र देव राज और दीपक कुमार गुप्ता पुत्र दर्शन लाल गुप्ता निवासी शिमलापुरी को लुधियाना से 28 जनवरी को गिरफ़्तार कर लिया था लेकिन यह मुख्य आरोपी उस समय पर फरार होने में सफल हो गया था। उन्होंने कहा कि इस साइबर अपराधी अमित शर्मा निवासी दयोल एन्क्लेव, लुधियाना के विरुद्ध पंजाब और हरियाणा राज्य के अलग-अलग थानों में छह एफआईआर दर्ज हैं।
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