कस्टम अफसरों ने कुलियों को काले रंग के निशान लगीं बोरियां अलग करने को कहा। सभी 14 बोरियों की जांच से पता चला कि इसमें 532 किलोग्राम हेरोइन है। साथ ही कुछ अन्य बोरियों जिस पर कोई निशान नहीं था, उनसे 52 किलोग्राम अन्य नशीला पदार्थ बरामद किया गया।
हेरोइन की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद होने के बाद अफसरों ने गुरपिंदर को आईसीपी में ही बुला लिया जहां उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वहीं गुरपिंदर ने इससे पहले वाली खेप मंगवाकर क्या श्रीनगर के हंदवाड़ा के व्यापारी तारिक अहमद को ही भेजी थी, इसकी जांच भी की जा रही है। वहीं जूडिशियल मजिस्ट्रेट ने गुरपिंदर सिंह और तारिक अहमद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आईसीपी के भीतर की कार्यप्रणाली को जानता था गुरपिंदर
गुरपिंदर सिंह आईसीपी के भीतर की सारी कार्यप्रणाली को जानता था। किसी क्लीयरिंग एजेंट्स के साथ कुछ वर्ष काम करने के बाद गुरपिंदर सिंह को पता था कि कस्टम अधिकारी नमक जैसी सस्ती आइटम की जांच में रुचि नहीं रखते। वे ड्राय फ्रूट की बोरियां समेत दूसरी महंगी आइटम पर निगरानी रखते हैं।