प्रेस क्लब में ‘पैनोरोमा ऑफ संस्कृत प्रोज एंड काव्याज’ किताब का विमोचन किया गया। इस किताब को दिवंगत डॉ. एमसी शर्मा ने लिखा था। डॉ. शर्मा का 13 नवंबर 2019 को निधन हो गया था। इस किताब में संस्कृत के लिट्रेचर का जिक्र है। किताब का विमोचन सेक्टर-11 के रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ. श्याम सुंदर ने किया। इस मौके पर संस्कृत के प्रोफेसर डॉ. शशिकांत राय, डॉ. लखबीर सिंह, राजेश वी देवगन और दिवंगत डॉ. एमसी शर्मा की पत्नी पुष्पा शर्मा मौजूद थीं।
इस मौके पर डॉ. शर्मा की बेटी शैलजा ने बताया कि उनके पिता ने इस किताब को पूरा लिख लिया था और किताब की प्रिंटिंग होने लगी थी। अचानक 13 नवंबर को उनके पिता का निधन हो गया। उन्होंने इस किताब का विमोचन 25 दिसंबर को प्लान किया था। ऐसे में सभी सदस्यों ने तय किया था कि इसका विमोचन तय समय पर ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस किताब में भारत का प्राचीनतम इतिहास है। इसके माध्यम से उनके पिता बताना चाहते थे कि वास्तव में संस्कृत में संस्कृति की जो झलक है वह बेहतरीन है। इसको उन्होंने अंग्रेजी में लिखा जिसकी वजह थी कि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। उनकी पत्नी पुष्पा शर्मा ने बताया कि इस किताब में काफी कुछ रिसर्च है। इसकी वजह है कि पिता खुद एक संस्कृत के अध्यापक थे और उनका विषय रिसर्च था। इसमें पांच हजार साल पुराना इतिहास भी जानने को मिलेगा और उस समय के प्रसिद्ध कवियों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वास्तव में स्कॉलर के लिए भी यह किताब एक खास किताब साबित होगी।