सीटीयू की बसें अब शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम का कारण नहीं बनेंगी। प्रशासन अब मिडी बसें खरीद रहा है। ये बसें पुरानी व लंबी बसों से 3 मीटर छोटी होंगी। लंबाई में छोटी होने के कारण इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी नहीं बिगड़ेगी।
सबसे खास बात है कि इसकी सीटिंग कैपेसिटी भी लंबी बसों से ज्यादा होगी। सीटीयू की हरी व लाल रंग की लंबी बसों में 32 सीटें हैं जबकि इन मिडी बसों में 37 सीटें होंगी। शहर के लिए कुल 98 मिडी बसें खरीदी जाएंगी।
पहले चरण में 49 नॉन-एसी बसें खरीदी जा रही हैं और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाएं जाएंगे।
कई वर्षों से शहर में लंबी बसें ही चल रही हैं। जेएनएनयूआरएम के तहत प्रशासन ने 100 लंबी बसें खरीदी थीं। इन बसों के कारण शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
कई बार तो सड़क हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी हैं। इसी कारण अब प्रशासन ने मिडी बसें खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया।
इन बसों की लंबाई जेएनएनयूआरएम की बसों से कम होंगी और मिनी बसों से करीब डेढ़ मीटर ज्यादा होंगी, लेकिन इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। जेएनएनयूआरएम की बसों की लंबाई साढ़े 12 मीटर है और मिडी बसों की लंबाई साढ़े 9 मीटर होगी।
टायर से पीछे होगा दरवाजा
इन मिडी बसों का पिछला दरवाजा पिछले टायर के पीछे होगा। इसमें खास बात है कि अगर कोई यात्री पिछले दरवाजे से चढ़ता हुआ गिर जाता है तो उसे टायर से कोई नुकसान नहीं होगा।
पुरानी लंबी में टायर के आगे दरवाजा बना हुआ है। इसी वजह से 17 वर्षीय अनुपमा की भी मौत हो गई थी। अनुपमा भी बस में चढ़ते वक्त गिर गई थी और टायर उसके पैर के ऊपर चढ़ गया था।
ये होगी खासियत
- साढे़ 9 मीटर लंबाई
- फ्रंट इंजन
- 37 की सीटिंग कैपेसिटी
- 5 किमी की माइलेज