मौत को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाले सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता के स्वागत में कोटावासियों ने पलक पावड़े बिछा दिए। दूसरी जिंदगी पाकर शुक्रवार रात अपने गृह नगर कोटा लौटे चेतन की मां ने आरती उतारीं तो मोहल्लेवासियों ने पटाखे फोड़कर दिवाली मनाई।
मां सुभद्रा देवी ने चेतन का मुंह मीठा करवाकर पूरे विधिविधान से गृह प्रवेश करवाया तो पिता रामगोपाल चीता ने भी अपने बेटे की आरती उतारी। सबसे पहले मां ने उन्हें चूमा और गले लगाया, फिर पिता सामने आए तो चेतन भावुक हो गए। आतंकियों से लड़ते हुए गंभीर जख्मी हुए चेतन चीता दिल्ली एम्स में 51 दिन तक भर्ती रहे थे। इस दौरान देशभर में उनकी सलामती के लिए दुआएं की गईं।
शक्रवार रात जैसे ही चेतन चीता खेड़ली फाटक स्थित अपने पैतृक निवास पर पहुंचे, पहले से इंतजार कर रहे परिजनों, दोस्तों व रिश्तेदारों ने गर्मजोशी से उनकी अगवानी की। खुशी का इजहार करने के लिए करीब आधा घंटे तक पटाखे फोड़े गए। पूरी गली को तिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। घर में दाखिल होते ही चेतन चीता ने सबसे पहले अपनी तीन महीने की भतीजी मोक्षदा को चूमा। काफी देर तक वे मोक्षदा को निहारते रहे। जन्म के बाद वे पहली बार उससे मिले थे।