चंडीगढ़। शहर के 4003 स्ट्रीट वेंडरों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है। नगर निगम ने इनका लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। सोमवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया। बताया जा रहा है कि लगातार नोटिस देने के बाद भी वेंडिंग शुल्क का बकाया जमा नहीं करने पर फैसला लिया गया है। हालांकि, नगर निगम के इस फैसले के बाद स्ट्रीट वेंडर का विरोध तेज होना तय है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि वेंडर्स को कई बार नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने बकाया शुल्क जमा नहीं किया। ऐसे में बैठक के दौरान उनके लाइसेंस को रद्द करने का फैसला लिया गया।
नियमों का पालन सभी को करना होगा
निगम आयुक्त का कहना है कि निगम प्रशासन सभी की मदद करने के लिए तैयार है, हालांकि नियमों का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम के इस फैसले को काफी सख्ती से देखा जा रहा है। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि शहर की स्वच्छता और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम उठाना आवश्यक है।
वेंडिंग जोन को विकसित करने पर होगा काम
टाउन वेंडिंग कमेटी ने बैठक में फैसला लिया है कि आने वाले दिनों में शहर के सभी वेंडिंग जोन को विकसित किया जाएगा। वहां मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए नगर निगम काम करेगा। इसके अलावा शहर में चले रहे अवैध वेंडिंग जोन के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जाएगा।