हरियाणा में भर्ती हुए 8285 जेबीटी टीचरों पर तलवार लटक सकती है। शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर सूचना दी है कि भर्ती हुए जेबीटी टीचरों में से सिर्फ 1093 टीचरों ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट सही तरीके से पास किया है।
इन टीचरों के आवेदन फार्म और आंसर शीट पर लगे अंगूठा निशान मिल गए हैं। हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अंगूठा निशान फारेंसिक लैबोरेटरी में जांचने के लिए कहा था।
प्राथमिक शिक्षा के महानिदेशक डॉ. डी. सुरेश ने शनिवार को बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर कर दिया है। उन्होंने बताया कि 751 टीचर ऐसे हैं जिन्होंने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट दिया ही नहीं।
उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति ने टेस्ट दिया क्योंकि आवेदन फार्म और आंसर शीट पर लगे अंगूठा निशान अलग-अलग मिले।
उन्होंने बताया कि 392 टीचरों ने नौकरी छोड़ दी और दो के रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं हैं। शेष 6094 टीचर ऐसे हैं जिनके आवेदन फार्म और आंसर शीट पर लगे अंगूठा निशान मामूली तौर पर मिट गए हैं या अधूरे हैं।
यानी इन टीचरों के अंगूठा निशान सही हैं या गलत, इस नतीजे पर फारेंसिक लैब के विशेषज्ञ नहीं पहुंच पाए। महानिदेशक ने बताया कि अब इन टीचरों के बारे में हाईकोर्ट ही अगला फैसला करेगा।