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घर से युवक उठाया, मांगी 25 लाख की फिरौती

Wed, 22 Jan 2014 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर-38 के किडनैप हुए युवक करण को पुलिस ने बीते दिन चार दिन बाद आखिरकार छुड़वा लिया। इसके साथ ही पुलिस ने 25 लाख की फिरौती मांगने वाले तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
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उनके पास से एक पिस्टल भी मिली है। वहीं चार आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने अपहरणकर्ता सुखविंद्र, सुखदेव सिंह और प्रबजोत को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 24 तक जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

किडनैप हुए करण की बहन मोनिका ने बताया कि मुख्य आरोपी सुखविंद्र सिंह उर्फ बिल्ला की सेक्टर-9 की इमिग्रेशन कंपनी में वह काम करती थी। यह कंपनी बंद हो गई।
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मोनिका का दावा है कि सुखविंद्र उसे कहता था कि यह कार्यालय उसकी वजह से बंद हुआ है जिसका लाखों रुपये का नुकसान उसे ही भरना है।

इसके साथ ही कुछ पासपोर्ट भी उसके पास थे जो आरोपी वापस करने को कह रहे थे। वहीं आरोपी हरविंद्र, रमनीश भी मोनिका के साथ ही कंपनी में काम करते थे जिसे पुलिस ने अभी गिरफ्तार नहीं किया है।

निरंतर मोनिका के संपर्क में थे:
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने प्रेसवार्ता कर यह मामला सुलझाने के लिए डीएसपी सतबीर सिंह, इंस्पेक्टर रणजोत सिंह, सेक्टर-34 थाना प्रभारी राजेश शुक्ला और सेक्टर-39 थाना प्रभारी गुरमुख सिंह की पीठ थपथपाई।

एसएसपी नौनिहाल सिंह से जब पूछा गया कि मोनिका के ही भाई का अपहरण क्यों किया गया तो इस पर उन्होंने कहा कि कारण जानने की जरूरत नहीं है।

सिर्फ पुलिस के लिए यह बात प्रमुख है कि अपहरण का मामला सुलझ गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक की बहन मोनिका से 25 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे जिसका सौदा 13 लाख में तय हुआ था।

पिछले रविवार को मामला दर्ज करने के बाद से अपहरणकर्ता निरंतर ही मोनिका के संपर्क में थे। पुलिस ने सभी के फोन सर्विलांस पर लगाए हुए थे।

ऐसे पकड़ा आरोपियों को :
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि फिरौती का 13 लाख का सौदा तय करने के बाद जब महिला मोनिका ने कहा कि उसके पास राशि नहीं है तो अपहरणकर्ताओं ने कीमती सामान मांगा।

इसमें एक कार, 10 किलो चांदी, 5 ब्लैंक चेक और 2 लाख रुपये नकदी देने का सौदा तय हुआ। यह सब अपहरणकर्ताओं ने अमृतसर में देने को कहा था।

पुलिस के अनुसार एक टीम मोनिका के साथ गई और दूसरी टीम सेक्टर-34 थाना प्रभारी राजेश शुक्ला के नेतृत्व में अंबाला भेजी गई। अंबाला में एक गांव में मोनिका के भाई करण को छुपाया हुआ था।

एसएसपी ने बताया कि जब कार सहित सामान अमृतसर में अपहरणकर्ता प्रबजोत सिंह और अन्य को दिए गए तो इन्होंने अंबाला में सुखविंद्र सिंह को फोन करके युवक को छोड़ने के लिए कहा।

अंबाला में सुखविंद्र सिंह और सुखदेव जैसे ही कार में गांव से निकले तो वहां मौजूद पुलिस टीम ने दोनो आरोपियों को दबोच लिया। वहीं करण को भी छुड़वा लिया गया।

अंबाला के गांव में जिस घर में करण को छुपाया हुआ था वह घर मुख्य आरोपी सुखविंद्र सिंह के रिश्तेदार का है। इस टीम ने अमृतसर में मौजूद पुलिस की टीम को युवक के बरामद होने की सूचना दी। अमृतसर में पुलिस ने प्रबजोत को दबोच लिया जबकि एक आरोपी दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया।

प्रबजोज उस गाड़ी में ही था जो की मोनिका ने दी थी। इस कार के दस्तावेज शपथ पत्र के साथ अपहरणकर्ता ने मांगे थे। पुलिस के अनुसार 2 लाख रुपये के अलावा बाकी सभी सामान बरामद कर लिया गया है।

एक पिस्टल भी मिली
पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी सुखविंद्र सिंह की एक पिस्टल भी बरामद की गई है। यह अंबाला में पकड़े गए सुखविंद्र सिंह और सुखदेव सिंह की कार से मिली।

एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि सुखविंद्र सिंह उर्फ बिल्ला पुराना अपराधी है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, नकली करंसी के अलावा कई मामले में अमृतसर में दर्ज हैं। इसके अलावा सुखविंद्र सिंह को अमृतसर पुलिस भगौड़ा भी घोषित कर चुकी है।
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काफी प्रताड़ित किया आरोपियों ने
करण ने बताया कि अपहरण के दौरान आरोपियों ने उसे खूब प्रताड़ित किया। अंबाला में जिस घर पर उसे रखा गया था, वहां उसके साथ मारपीट भी की।

यह चीजें हुईं अपहरणकर्ताओं से बरामद
. एक 32 बोर का पिस्टल
. 10 किलो चांदी
. शिकायतकर्ता की इटियोज कार
. अपहरणकर्ताओं की दो कार
. गिरफ्तार आरोपियों के वह मोबाइल फोन जिससे उन्होंने शिकायतकर्ता मोनिका से फिरौती मांगी थी
. युवक करण का मोबाइल फोन, इस फोन का प्रयोग भी अपहरणकर्ताओं ने बहन से बात करने के लिए किया।
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