कुलदीप अपनी मां व अन्य दो साथियों के साथ घर में घुस गया और वहां सामने बैठे उसके चाचा संजय व मां मूर्ति पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। वहां शोर सुनने पर नरेंद्र भी कमरे से बाहर निकलकर आया और वह अपने चाचा व मां को बचाने लगा तो उस पर भी हमला कर दिया गया। इस घटना को अंजाम देने के बाद कुलदीप अपनी मां, साथियों व उसकी पत्नी अंजू को लेकर फरार हो गया।
नरेंद्र घायल हालत में अपने चाचा को लेकर गन्नौर के सामुदायिक अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस ने संजय के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद नरेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने उसकी पत्नी अंजू, कुलदीप व उसकी मां समेत अन्य दो के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनको काफी समय पहले अपनी पत्नी व कुलदीप के संबंधों के बारे में पता चला था तो उसने उसी समय इसका विरोध किया। लेकिन उसकी पत्नी ने कुलदीप को इस बारे में बता दिया और वह विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा।
वह उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता था और उनके सामने भी पत्नी से मिलने के लिए आता था। नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, इस कारण वह डरकर चुप रहते थे। नरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी कहा है कि घर में रात के समय कई बार तेज आवाज हुई थीं, जिससे उसे शक है कि उन पर फायरिंग भी की गई है।
नरेंद्र की शिकायत पर कुलदीप उर्फ कल्दू, कुलदीप की मां व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि कुलदीप आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -दिनेश कुमार, थाना प्रभारी गन्नौर