कॉमनवेल्थ गेम्स से लौटी वेटलिफ्टर ने कोच पर शारीरिक शोषण की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि उसके विरोध करने पर उसको न केवल मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया बल्कि उसका कैरियर भी खराब कर दिया गया।
उसको प्रतियोगिता में परेशान किया गया, जिस कारण वह उचित स्थान हासिल नहीं कर पाई, जबकि वह इस बार मेडल जीतने की पूरी क्षमता रखती थी।
पंजाब आर्म्ड बटालियन में तैनात है खिलाड़ी
खिलाड़ी पंजाब आर्म्ड बटालियन में तैनात है। उसने एडीजीपी आर्म्ड बटालियन को लिखित शिकायत भी दी है। शिकायत में खिलाड़ी ने कोच संदीप कुमार से अपनी जान और इज्जत को खतरा बताया है।
खिलाड़ी ने कहा कि वह 58 किलो भार वर्ग में चुनकर ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गई थी। उसके साथ वहां पहुंचते ही भेदभाव शुरू हो गया, कभी पासपोर्ट तो कभी इंडियन कॉस्ट्यूम को लेकर उसे मानसिक तौर पर परेशान किया जाने लगा।
कैरियर खराब करने की कोशिश हो रही
इंग्लैंड कैंप में वार्मअप के दौरान उससे हैवी वेट उठवाया गया, जिस कारण वह बेहतर परिणाम नहीं दे पाई और पांचवें स्थान पर आई जबकि वह मेडल की हकदार थी।
उसने कहा कि उसने साईं सेंटर के अधिकारियों को इस बारे में पहले से शिकायत की थी कि मेरा कैरियर खराब करने की कोशिश की जा रही है। उसने इंडियन वेट लिफ्टिंग अध्यक्ष वरिंदर प्रसाद बैंसला को भी लिखित शिकायत दी थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।
मैं तो पुरुष टीम का कोच हूं
वह तो मेरी बेटी जैसी है, उसको हमेशा बेटी कहकर बुलाया है। साथ ही यह भी साफ कर दूं कि मैं पुरुष टीम का कोच हूं, मेरा उससे क्या वास्ता। उसके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
संदीप, कोच