ये दोनों तस्कर हरमन सिंह निवासी मुल्लांपुर को नशा बेच रहे थे, जब इन्हें पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि चिट्टा तस्करी के लिए कुख्यात गांव मडेआणी में दो दिन पहले भी दाखा पुलिस ने दबिश देकर तस्कर महिला और उसके दो बेटों को चिट्टा, नशे के कैप्सूल और ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा चिट्टा बेचकर खरीदे मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया था। आरोपियों की पहचान जसविंदर कौर उर्फ बंटी और उसके बेटे धर्मप्रीत सिंह और गोल्डी सिंह के तौर पर हुई थी। इनके कब्जे से चिट्टा, नशे की 140 गोली और 8500 रुपये ड्रग मनी बरामद की थी। मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिया था। इससे पहले इसी परिवार के छह अन्य सदस्य जेल भेजे गए थे। सोमवार के दो और मिलाकर मडेआणी के इस तस्कर परिवार के 11 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। कुछ अब भी फरार हैं ।
सरपंच ने घरों से बरामद की थी ढाई लाख की ड्रग मनी
गांव में सरेआम बिक रहे नशे पर नकेल कसने में नाकाम रह रही जिला ग्रामीण पुलिस के खिलाफ मुखर होकर महिला सरपंच गुरप्रीत कौर ने मोर्चा खोला था। महिला सरपंच गुरप्रीत कौर ने पिछले दिनों खुद तस्करों के घरों में जाकर करीब ढाई लाख रुपये की ड्रग मनी, चिट्टा तोलने का इलेक्ट्रिक कांटा, चिट्टे की एवज में लोगों के गिरवी रखे सोना चांदी के गहने, जिस पर बाकायदा पर्ची लगाकर लोगों के नाम-पता दर्ज थे। इसके अलावा महंगे मोबाइल फोन और अन्य महंगे सामान जब्त कर पुलिस को सौंपा था।
पंजाब सरकार ने पत्र भेजकर सरपंच को सराहा
इसके बावजूद पुलिस का ढुलमुल रवैया देख महिला सरपंच गुरप्रीत कौर सड़कों पे उतर आईं। सरपंच ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ लुधियाना-फिरोजपुर राष्ट्रीय मार्ग पर धरना देकर छह घंटे तक यातायात ठप किया था। इसके बाद आईजी लुधियाना रेंज सुरिंदरपाल सिंह परमार की अगुवाई में 12 से अधिक अफसरों और पुलिस मुलाजिमों ने गांव को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया था। उस दिन भी इसी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। नशा तस्करों के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरी महिला सरपंच गुरप्रीत कौर की दिलेरी पर पंजाब सरकार ने पत्र भेजकर पीठ थपथपाई है।