गुरसिमरन के अनुसार जगबीर कुछ वर्ष पहले गलत संगत का शिकार हो गया और करीब 5 वर्ष पूर्व जगबीर मलोट में 21 किलो हेरोइन सहित पकड़ा गया। इसके बाद जुर्म की दलदल में फंसता गया। गुरसिमरन ने बताया कि जगवीर रोपड़ जेल में बंद था और जनवरी में उसकी आखिरी मुलाकात हुई। उस समय उसने वादा किया था अब वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा।
इसके बाद पता नहीं कब वह लारेंस बिश्रोई गैंग में संपर्क में आ गया। जगबीर के पिता की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी है। अब उसके परिवार में मां व एक बहन है। इस मौके पर चाचा सुखविंदर सिंह, मुख्तयार सिंह व मौसेरा भाई तेजिन्द्र सिंह मौजूद थे। हमले के दूसरे दिन गांव खांटवा और शेरेवाला के लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने दोनों गांवों में गश्त तेज करते हुए ग्रामीणों से निश्चिंत होकर रहने की अपील की है।
मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड ने किया परेशान
गैंगस्टर जगवीर सिंह जग्गा की जेब से जो आधार कार्ड बरामद हुआ वह राजपाल पुत्र तेजपाल निवासी पंडूरी बडैच अमृतसर का था। पुष्टि करने के लिए जब पुलिस अधिकारियों ने अमृतसर संपर्क किया तो पता चला कि यह युवक जिंदा है।
इसके बाद पुलिस कई घंटे तक मृतक गैंगस्टर की पहचान करने में जुटी रही। बाद में जगवीर सिंह के रूप में पहचान हुई। आईजी छीना ने बताया कि गैंगस्टरों की गाड़ी पलटने के बाद संभव है कि जगवीर के पैर आदि में चोट लगी और यह भागने में असमर्थ हो गया। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने गोली मार कर आत्महत्या कर ली।
गैंगस्टर जग्गा के परिजनों से मिले आईजी छीना
रविवार की देर रात करीब 9 बजे मृतक गैंगस्टर जगवीर सिंह जग्गा पहलवान के परिजन अबोहर सरकारी अस्पताल पहुंचे। आईजी छीना ने भी सरकारी अस्पताल पहुंच कर उसके परिजनों से बातचीत की। मृतक के भाई ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया और पुलिस के माध्यम से इसकी सूचना मिली थी।
इसके बाद छीना गैंगस्टरों की फायरिंग में घायल हुए दोनों ग्रामीणों से भी मिले और उनकी पीठ थपथपाते हुए उन्हें पूरी सहायता का आश्वासन दिया। दोनों घायलों की सुरक्षा में पुलिस तैनात की गई है और अस्पताल परिसर की भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई।