नाबालिग को चाकू घोंप जख्मी करने और उसका मोबाइल लूटने के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने धनास निवासी तीनों नाबालिग आरोपियों को दोषी पाया है। बोर्ड ने तीनों की कम उम्र और पुराना कोई आपराधिक रिकार्ड न देखकर उन्हें सुधरने का मौका देते हुए धनास स्थित सनातन धर्म मंदिर में सामुदायिक सेवा के आदेश दिए हैं।
बोर्ड के आदेश के अनुसार तीनों को 15-15 दिन मंदिर में सेवा करनी होगी। तीनों के खिलाफ सेक्टर-11 पुलिस थाने में धनास निवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी। मामले के अनुसार धनास निवासी तीनों नाबालिगों के खिलाफ धनास निवासी 10वीं के छात्र राजू ने शिकायत दर्ज कराई थी।
उसके अनुसार पिछले साल 21 जुलाई को दोपहर में स्कूल से छुट्टी होने पर वह घर आ रहा था। वह सारंगपुर स्थित एक स्कूल में पढ़त था। दोपहर करीब 1 बजे जब वह बॉटेनिकल गार्डन पहुंचा तो उसे 3-4 किशोरों ने घेर लिया। उन्होंने उसके पेट में चाकू घोंपा और मोबाइल छीन कर भाग गए।
इसके बाद जख्मी हालत में उसे जीएमएसएच-16 ले जाया गया। वहां उपचार के बाद उसने पुलिस को वारदात की सूचना दी। वह तीनों नाबालिगों को पहचानता था। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश करने के बाद जुवेनाइल होम भेज दिया था।