दुष्कर्म के मामले में महिला फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी से गैंगरेप के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मामले में पीड़ित की चाची, बुआ समेत पांच लोगों को कड़ी सजा सुनाई गई है।
रोहतक में अदालत ने किशोरी से दुराचार करने वाले दो दोषियों को दुराचार करने पर 14-14 साल कैद के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना और तीन महिलाओं को भी अलग अलग धाराओं में 7-7 साल की कैद के साथ आर्थिक दंड की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने सभी दोषियों को आदेश दिए हैं कि वे पीड़ित को 25-25 हजार रुपये हर्जाने के रूप में अदा करेंगे। अदालत ने सभी को बुधवार को दोषी करार दिया था। सभी दोषियों को सुनारियां जेल भेज दिया गया।
महिला दोषियों में सगी बुआ व चाची भी शामिल
महिला फास्ट ट्रैक कोर्ट की एडीजे सीमा सिंघल ने दो दोषियों बिंदर और बलविंदर को गैंग रेप करने पर 14-14 साल कैद के साथ 10-10 हजार जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर छह माह की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही दोनों दोषियों को किशोरी का अपहरण कर ले जाने पर 7-7 साल कैद के साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माना, षडयंत्र रचने के तहत दोषी मानते हुए 7-7 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इसी मामले में तीन महिला दोषियों गीता, मोनू और सुनीता को अपहरण करने का दोषी मानते हुए 7-7 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा के साथ षडयंत्र रचने के तहत दोषी मानते हुए 7-7 साल की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
ये है मामला
किशोरी अपने माता-पिता के साथ शहर थाने में पहुंची और शिकायत दी कि एक अक्तूबर 2012 को अपने घर में अकेली थी। माता-पिता काम से बाहर गए हुए थे। तभी उसकी चाची व बुआ एक महिला के साथ आई और सब्जी लेने के बहाने पुराने बस स्टैंड के पास ले गईं। आरोप है कि वहां पर तीनों महिलाओं ने उसे जबरदस्ती सफेद रंग की कार में बैठा दिया।
दोनों आरोपी उसे हिसार रोड पर एक बंद पड़ी फैक्ट्री में ले गए, जहां उसके साथ गलत काम किया गया। विरोध करने पर उसकी गर्दन भी दबा दी। तभी दो-तीन युवक आ गए। बिंदर उसे छोड़कर कार में बैठकर फरार हो गया। थोड़ी देर बाद उसकी चाची, बुआ व तीसरी महिला ऑटो लेकर आ गई। तीनों उसे बैठाकर घर ले आईं।
पीड़ित ने परिजनों के साथ थाना शहर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तीन महिलाओं के साथ आरोपी युवक बिंदर और बलविंदर के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व साजिश रचने का केस दर्ज किया था।