राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शालीमार एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी आरके अग्रवाल को उपभोक्ता आयोग का फैसला न मानने पर दो साल की कैद की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुर्माना न भरने की स्थिति में छह माह की कैद और भुगतनी होगी। आयोग ने 23 जुलाई 2014 तक के लिए नॉन वेलेवल वारंट भी जारी किया है।
इसके लिए सेक्टर-17 के पुलिस स्टेशन स्थित पीओ एंड समन ब्रांच के इंचार्ज को पत्र भी भेज दिया गया है। यह आदेश उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जस्टिस रिटायर शाम सुंदर, सदस्य देवराज और पद्मा पांडेय ने सुनवाई के बाद दिया है।
यह था मामला
शिकायतकर्ता सुशील सिवाच निवासी सेक्टर-35 सी ने पंचकूला के सेक्टर-5 के शालीमार एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अग्रवाल के खिलाफ उपभोक्ता आयोग चंडीगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने शिकायत में कहा था कि मोहाली के फेज-8 बी स्थित आईटी सिटी के सी कैटेगरी का चार सौ वर्गफुट का वन शोरूम बुक कराया। इसके लिए उन्होंने कई किस्तों में 23 लाख 30 हजार रुपये जमा कराए।
28 फरवरी को शिकायतकर्ता को एक्सेप्टेंश कम डिमांड लेटर दिया जिसमें दो वर्ष के अंदर शोरूम का पोजेशन देना था। दो साल के बाद जब शिकायतकर्ता को शोरूम की फिजिकल पोजेशन नहीं दिया तो शिकायतकर्ता ने जमा की गई राशि मांगी जिसे डेवलपर ने नहीं दिया।