स्थानीय देहात पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ब्रेक कर महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पांच क्विंटल 60 किलो भुक्की बरामद की गई है। यह खेप एक एनआरआई की कोठी में छिपाकर रखी गई थी और पंजाब में बेची जानी थी। महिला कुख्यात तस्कर है और पिछले 16 साल से तस्करी के कारोबार की सरगना है। तस्करी के एक केस में उसे दस साल की सजा हो चुकी है और फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर है।
एसएसपी नवजोत सिंह माहल और एसपी बलकार सिंह ने बताया कि मकसूदां थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक इंडिगो कार में तस्कर भुक्की लेकर जा रहे हैं। मकसूदां पुलिस ने रायपुर रसूलपुर पठानकोट नेशनल हाइवे पर नाकेबंदी कर दी।
एक इंडिगो कार को तलाशी के लिए रोका गया तो कार के पीछे दो बोरी चूरा पोस्त भुक्की की मिली। मौके पर डीएसपी दिग्विजय कपिल को बुलाया गया, जिसने चेकिंग की और नशे की बोरियां बरामद की। कार सवार सुखबीर कौर निवासी अर्जुनवाल आदमपुर और बलजीत सिंह निवासी हरीपुर-आदमपुर को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों को थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि बलजीत सिंह एक एनआरआई की कोठी की देखभाल करता है और वहां पर उसने चूरा पोस्त की भारी खेप छिपाकर रखी है। पुलिस ने वहां पर छापेमारी की तो पांच क्विंटल 60 किलो चूरा पोस्त बरामद हुआ।
एसएसपी नवजोत सिंह माहल ने बताया कि महिला सुखबीर कौर के पति का देहांत हो चुका है और वह पिछले 16 साल से तस्करी के कारोबार में लिप्त है। उसका संपर्क जम्मू कश्मीर के तस्करों से है, जो उसको ट्रक में खेप देकर जाते हैं। बाद में सुखबीर कौर एनआरआई की कोठी में इसे छिपाकर रख देती थी, वहीं से उसको आगे सप्लाई किया जाता है।
बलजीत सिंह ने बताया कि वह एनआरआई की कोठी का केयर टेकर है लेकिन सुखबीर कौर के साथ मिलकर वह तस्करी के कारोबार में लग गया। एसएसपी माहल ने बताया कि 2006 में सुखबीर कौर नशे के साथ गिरफ्तार की गई थी और उसको 10 साल की सजा हुई थी। जमानत पर जेल से निकलने के बाद दोबारा तस्करी में लिप्त हो गई।