चंडीगढ़ सेक्टर-22 में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक सरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका और उसकी बहन की कैंची से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया। स्वतंत्रता दिवस पर डबल मर्डर से इलाके के साथ पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर शुक्रवार सुबह जीरकपुर निवासी चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के आरोपी बेटे कुलदीप सिंह (30) को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया। दोनों मृतक बहनों की पहचान मनप्रीत कौर और राजवंत कौर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसकी प्रेमिका के दोनों मोबाइल, चाबी समेत खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। शनिवार को पुलिस आरोपी को जिला अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल करेगी। वारदात बीते 15 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे की है। सूचना मिली कि सेक्टर-22 स्थित मकान नंबर (2598) में दो युवतियों की हत्या कर दी गई है। सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसएसपी नीलांबरी विजय जगादले, डीएसपी कृष्ण कुमार, थाना प्रभारी जसपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।
मकान के एक कमरें में दो युवतियां खून से लथपथ पड़ी थीं और अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। डॉग स्क्वॉड और सीएफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने कमरे से फिंगर प्रिंट जब्त कर अन्य सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद युवतियों का शव जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखवाकर पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। जांच में सामने आया कि दोनों युवतियां आपस में बहनें थीं, जिनका नाम मनप्रीत कौर और राजवंत कौर है। कमरे में उनके साथ कभी-कभी उनका भाई हरप्रीत सिंह भी रहता था। इसके बाद पुलिस हरप्रीत से संपर्क किया।
दोनों की हत्या कर घर में ताला लगाकर भागा आरोपी
मृतक युवतियों का भाई हरप्रीत सिंह मोहाली में एसडीओ है। वह 14 अगस्त को किसी काम से अपने गांव गया हुआ था। रक्षाबंधन वाले दिन उसने अपनी बहनों को कई बार फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया, जिसके बाद उसने दोपहर करीब 2 बजे पास में रहने वाले अपने दोस्त को वहां भेजा तो बाहर से ताला लगा हुआ था। इसके बाद शक होने पर ताला तोड़ा गया। जांच में पता चला है कि हत्या के बाद आरोपी ने घर पर बाहर से ताला लगाकर चाबी और मनप्रीत कौर के दोनों मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था।
सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के एरिया में सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। इस दौरान पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा, इसमें एक युवक कैद था जो दोनों बहनों के घर से निकलकर जा रहा था। जब पुलिस ने आसपास के लोगों से युवक के बारे में पूछा तो उसकी पहचान जीरकपुर निवासी कुलदीप के रूप में हुई, जोकि अक्सर दोनों बहनों के घर में आता जाता था।
आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कुलदीप बाइक से जीरकपुर के एकेएस-2 स्थित शिवालिक नगर के मकान नंबर-265 पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन से राखी बंधवाई और बैग में कुछ कपड़े लेकर वह बस से अंबाला पहुंचा। इसके बाद उसने ट्रेन से नई दिल्ली तक का सफर किया। इस दौरान उसने दिल्ली में एटीएम से रुपये निकालकर अपने एक दोस्त को फोन किया। इससे पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में लीड मिली। इसके बाद डीएसपी सेंट्रल कृष्ण कुमार, थाना प्रभारी जसपाल सिंह भुल्लर की अगुवाई में सेक्टर-22 पुलिस चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह, सतनाम सिंह की टीम कर आरोपी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।
9 साल से एक दूसरे के जानकार थे कुलदीप और मनप्रीत कौर
पुलिस के अनुसार, कुलदीप और मनप्रीत की मुलाकात वर्ष 2010 में सेक्टर-34 स्थित पीटेंट साइनर्जिस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और फिर बात शादी तक पहुंची। करीब 6 से 7 महीने पहले ही किसी कारणों से इनकी शादी पक्की नहीं हुई। इससे कुलदीप मनप्रीत पर शक करने लगा कि वह किसी और से बातचीत कर रही है। मनप्रीत ने कुलदीप के मैसेज को भी नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था। सेक्टर-34 स्थित कंपनी अब जीरकपुर में शिफ्ट हो गई थी। मनप्रीत ने वहां से नौकरी छोड़ दी थी जबकि कुलदीप वहीं जॉब कर रहा था। दोनों बहनें अपना खुद का दवाइयों में रंग बनाने वाली केमिकल का कारोबार करने का प्लान कर रही थीं।
पूछताछ में हुआ खुलासा
एसएसपी नीलांबरी विजय जगादले ने बताया कि जांच में सामने आया कि दोनों बहने फाजिल्का (पंजाब) के गांव बल्लुआना निवासी मनप्रीत कौर व राजवंत कौर पिछले करीब 9-10 साल से पीजी में रहती थीं। वीरवार अल सुबह करीब 4 बजे आरोपी कुलदीप छत के रास्ते घर में गया और सो रही दोनों बहनों के कमरे की कुंडी खिड़की से खोलकर अंदर कमरे में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने मनप्रीत के मोबाइल चेक किए, लेकिन उसके हाथ में मेहंदी लगे होने के कारण लॉक नहीं खुला। इस दौरान कुछ शोर हुआ तो राजवंत उठकर वाशरूम चली गई। इसके बाद मनप्रीत भी जग गई और कुलदीप को देखा तो दोनों में बहस हुई और इसके बाद आरोपी ने चुन्नी से गला दबाकर कैंची से मनप्रीत का गला रेत डाला और उसे जमीन पर पटक दिया। इस दौरान राजवंत ने विरोध किया तो उस पर भी आरोपी ने कैंची से गला रेतकर उसकी भी हत्या कर दी।
दोनों शवों का हुआ पोस्टमार्टम
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दोनों बहनों के शव का शुक्रवार को जीएमएसएच-16 में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। इस दौरान परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। दोनों के शव लेकर परिजन अपने मूल गांव रवाना हो गए हैं।