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दादी की अंतिम इच्छा पूरी करने जा रहे थे, रास्ते में हो गया हादसा...चाचा-भतीजे की मौत

Tue, 12 Jun 2018 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
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परिवार के साथ हादसा
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दादी की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उनकी अस्थियों को डेरा ब्यास नदी में विसर्जित कर हरिद्वार जा रहे परिवार के साथ हादसा, चाचा-भतीजे की मौत। कार को सोमवार तड़के सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली कस्बे के गांव मंधियाना निवासी रोहित (33) व उसके चाचा भगवानदत्त (54) की मौत हो गई, जबकि मृतक रोहित के पिता अमरनाथ व मामा जयकिशन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतनी तेज हुआ कि कार के परखच्चे उड़ कर दूर तक बिखर गया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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दादी की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए गए थे ब्यास  
गांव मंधियाना निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि दादी सरस्वती देवी की रविवार अलसुबह करीब चार बजे मौत हो गई थी। उसकी अंतिम इच्छा थी कि उसकी अस्थियों का विसर्जन डेरा ब्यास नदी में किया जाए। रविवार शाम करीब चार बजे उनके पिता भगवान दत्त, ताऊ अमरनाथ, ताऊ का लड़का रोहित व मामा गांव छडांजी निवासी जयकिशन दादी की अस्थियां लेकर कार में गांव से निकले। वे पहले अस्थियां लेकर डेरा ब्यास गए थे। वहां से देर रात वह अस्थियां विसर्जित करने के लिए हरिद्वार के लिए चले।

पीपली से वह सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे से होते हुए जब दामला के नजदीक पहुंचे तो सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उनकी कार के परखच्चे उड़ गए। कार कौन चला रहा था इसका पता नहीं चल सका है। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस ने को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायलों को बाहर निकाला और ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया। यहां पर डॉक्टर ने रोहित व भगवान दत्त को मृत घोषित कर दिया। जबकि जयकिशन व अमरनाथ को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
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सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट कसौली में चौकीदार था मृतक भगवानदत्त

परिवार के साथ हादसा
दिनेश कुमार ने बताया कि उसके पिता भगवानदत्त कसौली स्थित सेंट्रल रिसर्ज इंस्टीट्यूट में चौकीदार थे। उनकी करीब पांच साल सर्विस के और बची हुई थी। मृतक रोहित कसौली में ही फोटोग्राफी करता था। कुछ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसका एक लड़का है। मृतक के पिता घायल अमरनाथ मिलिट्री इंजीनियरिंग सेक्शन कसौली में सर्विस करते हैं। मामा जयकिशन दादी की मौत पर उनके घर आए हुए थे। सोमवार को हरिद्वार में अस्थि विसर्जित करना था। इसलिए वे रविवार को ही ब्यास के लिए निकले थे।

सुबह पांच बजे चला पता
दिनेश ने बताया कि सोमवार सुबह पांच बजे उन्होंने रोहित के मोबाइल पर फोन किया था ताकि ये पता कर सकें की वे कहां तक पहुंचे हैं। लेकिन फोन एक ढाबा संचालक ने उठाया था। ढाबा संचालक ने बताया कि जिसका ये मोबाइल है उसका एक्सीडेंट हो गया है। कार में सवार चारों लोगों को ट्रॉमा सेंटर लेकर गए हैं। उन्हें यह मोबाइल घटनास्थल पर पड़ा मिला था। इस हादसे की सूचना पाते ही वे तुरंत कसौली से निकलकर यमुनानगर पहुंचे।

24 घंटे में परिवार में तीन मौत से सदमे में परिवार
हादसे में घायल हुए अमरनाथ के परिवार में 24 घंटे में तीन मौत हो गई। खुद अमरनाथ और उसका साला जयकिशन पीजीआई में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। रविवार अलसुबह करीब चार बजे परिवार से जहां करीब 75 वर्षीय सरस्वती साथ छोड़ कर चली गई। वहीं सोमवार अलसुबह करीब तीन-चार बजे अमरनाथ का बेटा रोहित और भाई भगवानदत्त हादसे में काल का ग्रास बन गए। परिवार में तीन लोगों की मौत होने के बाद मातम छाया हुआ है।

हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। हादसे में दो लोगों की मौत है, जबकि दो घायल है। पुलिस ने मामले में फिलहाल अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में केस किया है। वाहन की पहचान की जा रही है।
- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर
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