सिविल अस्पताल में इलाज कराने आए चोरी के मामले में बंद गुरदीप और हत्या के प्रयास मामले में बंद राजविंदर ने बताया कि बोस्टल जेल के अंदर भगवान शनिदेव का मंदिर बना हुआ है। गुरुवार दोपहर को वह दोनों और मारपीट के मामले में बंद ऋषभ व लखवीर मंदिर में माथा टेकने के लिए खड़े थे। जबकि पास ही कुछ और युवक भी खड़े हुए थे।
इसी दौरान एक दम मंदिर के पत्थर पर बिजली गिरी। जिससे वह चारों बुरी तरह से घायल हो गए। वहां भगदड़ मच गई। धमाका होते ही जेल के मुलाजिम मंदिर के पास पहुंचे और सभी को पहले जेल के अस्पताल पहुंचाया। वहां ऋषभ और लखवीर को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं जेल में बिजली गिरने की खबर सुनते ही हवालातियों के परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ लोग जेल के बाहर पहुंच गए। अस्पताल में मौजूद लोगों ने जेल सुपरिंटेंडेंट और अन्य अधिकारियों को फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन जेल सुपरिंटेंडेंट का फोन बंद था और बाकी अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। जब लोगों ने जेल के लैंडलाइन पर फोन मिलाया तो वह भी किसी ने नहीं उठाया। इससे लोगों में नाराजगी थी।