पंजाब में किसान कर्जमाफी के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई। यहां संगरूर जिले में कर्ज से परेशान किसानों द्वारा खुदकुशी करने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
खनौरी के नजदीक गांव गुलाडी में बैंक का नोटिस आने पर किसान बलवान ने जहरीली दवा निगल ली। वहीं, गांव नागरा के रामसिंह ने बेटी के विवाह पर लिया कर्ज न उतरने और सारी जमीन बिक जाने से परेशान होकर फंदा लगा लिया।
गांव गुलाडी निवासी चंद्रपति ने बताया कि उसका पति बलवान महज 3 एकड़ जमीन का मालिक था और उसके सिर पर बैंक का 3 लाख का कर्ज था। लहरागागा प्राइमरी सहकारी कृषि विकास बैंक लि. की ओर से उसको 2 लाख 92 हजार अदायगी का नोटिस भेजा गया था।
चंद्रपति ने कहा कि बलवान, बैंक का नोटिस मिलने के बाद से परेशान रहने लगा। इसके चलते उसने जहरीली दवा निगलकर खुदकुशी कर ली। चंद्रपति और ग्रामीणों ने मांग की है कि नोटिस भेजने वाले बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसी तरह गांव नागरा का राम सिंह चार एकड़ जमीन का मालिक था। करीब तीन वर्ष पहले उसने अपनी बेटी के विवाह के लिए कर्ज लिया था। कर्ज के साथ-साथ उसकी काफी जमीन भी बिक गई थी। अब भी उसके सिर पर पांच लाख रुपये का कर्ज था।
पवित्र सिंह ने बताया कि उसका पिता राम सिंह घर से चाय पीने के बाद खेतों की तरफ चला गया था और वहां एक दरख्त के साथ फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी।