सीआईए स्टाफ ने उनकी तलाश शुरू कर दी। गांव दाऊं के पास एक कब्रिस्तान के नजदीक बाइक पर दो संदिग्ध युवक आते दिखे। डीएसपी गुरशेर सिंह व पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगे। इस बीच उनकी बाइक पुलिस की गाड़ी से टकराकर गिर गई। बाइक गिरते ही दोनों युवकों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। उन्होंने पुलिस पर चार फायर किए। जवाब में पुलिस ने छह गोलियां चलाईं, जिनमें से पांच गोलियां आरोपियों के पैरों में लगीं।
एनकाउंटर के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य इकट्ठा किए। एसएसपी ने बताया कि गैंगस्टर प्रिंस चौहान उर्फ राणा गैंगस्टर लक्की पटियाल का खास है और वह उसके लिए ही काम करता है। प्रिंस विदेश से ही अपना गिरोह को चलाता है और लोगों को धमकाकर रंगदारी वसूलता है। जो लोग रंगदारी नहीं देते, उन पर अपने गुर्गों से हमला करवाता है। इस गिरोह ने खरड़ के एक बिल्डर से भी रंगदारी मांगी थी, मना करने पर प्रिंस ने बृजपाल और शेट्टी को उस पर हमला करने की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन उससे पहले ही सीआईए को इसकी सूचना मिल गई और दोनों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस के सीनियर नेता के घर पर की थी फायरिंग की कोशिश
आठ दिसंबर को गोसेवा कमीशन पंजाब के पूर्व वाइस चेयरमैन और कांग्रेस के सीनियर नेता कमलजीत सिंह चावला के घर पर तीन युवकों ने फायरिंग की कोशिश की थी लेकिन उनकी पिस्टल जाम हो गई थी। इसके बाद वे धमकी भरे पत्र के साथ गोलियों के खोल घर के आंगन में फेंक कर भाग गए थे। तीनों युवक सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए थे। उन तीन युवकों में से दो बृजपाल और शेट्टी ही थे।