चुनावी रंजिश में 2017 में पूर्व सरपंच पवन के परिवार के बलजीत, भल्लेराम और महेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। तिहरे हत्याकांड में सूबे सिंह मुख्य गवाह थे। इसके बाद अक्तूबर 2019 में पूर्व सरपंच पवन की भी हत्या कर दी गई थी। सूबे सिंह के पोते मोहित और भतीजे राजकुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि जेल में बंद आनंद बबलू ने ही हत्या करवाई है। आनंद के छोटे बेटे अमन ने तीन-चार अन्य के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
10वीं की डिग्री फर्जी मिलने के बाद महिला सरपंच को हटाया तो बढ़ी रंजिश
बड़ेसरा गांव में दो परिवारों के बीच भूमि विवाद निपटने के बाद चुनावी रंजिश के कारण शुरू हुआ खूनी खेल अब भी चल रहा है। पिछले चुनाव में आनंद बबलू की पत्नी सुदेश विजेता रही। पूर्व सरपंच पवन की शिकायत पर सुदेश की 10वीं कक्षा की डिग्री की जांच की तो फर्जी पाई गई और सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में महिला सरपंच, सरपंच पति व दो शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ और उन्हें जेल जाना पड़ा। इसी के चलते दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है।
बुजुर्ग सूबे सिंह की हत्या का आरोप पूर्व सरपंच प्रतिनिधि आनंद के छोटे बेटे व उसके साथियों पर लगा है। बवानीखेड़ा थाना, सीआईए, एंटी व्हीकल थेफ्ट और स्पेशल टीम इस केस की जांच में जुटी है। जिस गाड़ी से वारदात को अंजाम दिया गया है, वह महम बाईपास के पास खराब हुई बताई जा रही है। वहां से बदमाशों ने अन्य गाड़ी छीनी है और फरार हुए हैं। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर