इसके अगले दिन जब पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए तो उसने शिकायत से विपरीत बयान दिए। मामला दर्ज कराने के अगले दिन ही बयान से पलटने पर पुलिस अधीक्षक को संदेह हुआ। इस मामले में एचएसओ राजबीर समेत एएसआई सविता और हेड कांस्टेबल संजय के सांठगांठ कराने की बात भी सामने आने पर उन्होंने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए तीनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया।
एक महिला वकील की संलिप्तता का भी संदेह
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में एक महिला वकील की संलिप्तता का भी संदेह है और पुलिस इस पहलू को जहन में रखकर भी जांच कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सांठगांठ में उक्त महिला वकील की भी भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अगर जांच में ये बात सामने आती है तो फिर पुलिस महिला वकील पर भी एक्शन लेगी।
19 जुलाई को बौंदकलां थाने में केस दर्ज हुआ था और अगले दिन पीड़िता के बयान से पलटने पर संदेह हुआ। गुप्त तौर पर मैंने पता कराया तो मामले में सांठगांठ होने की बात सामने आई। पुलिस कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना ये संभव नहीं है और अनुसंधान की जांच में खामी बरतने पर एसएचओ, महिला एएसआई और हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर मैंने विभागीय जांच का आदेश दिया है। - दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी।