बताया जा रहा कि इस दौरान एक 10 साल का बच्चा भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया है। इसके बाद फिर मनीमाजरा फायर विभाग की टीमें और मौलीजागरां थाना पुलिस का स्टाफ, थाना प्रभारी जयवीर सिंह राणा के नेतृत्व में मौके पर पहुंचा और फिर आसपास जिसको भी आग से समस्या हुई, उसकी जानकारी लेकर उनको अस्पताल भेजा।
बताया जा रहा है कि आग लगने से मकान और आसपास रहने वाले आठ लोगों को सांस की और अन्य समस्याएं आईं। इनमें से मकान मालिक बलदेव की पत्नी सरोज रानी (55) और गली में रहने वाली बीमवती आदि भी थे। पुलिस और फायर विभाग की जांच में पता चला है कि मकान मालिक कबाड़ का काम करता था। जिस कमरे में आग लगी है, उसमें भी कुछ कबाड़ का सामान पड़ा था। इनमें परफ्यूम और सैनिटाइजर के खाली डिब्बे आदि पड़े थे।
आग लगने के बाद इनके अंदर के केमिकल में आग लगने से धमाके हुए और आसपास के लोगों धमाकों से डरकर घरों से बाहर आ गए। वहीं आग लगने के बाद मकान और कमरे के गली में लटक रही बिजली के तार जलकर नीचे गिर गए। इनमें आग और करंट होने से लोगों परेशानी झेलनी पड़ी।
आग की सूचना मिलते मनीमाजरा से फायर टेंडर मौके पर पहुंचा लेकिन गली बहुत ही छोटी होने के चलते घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे स्टेशन फायर ऑफिसर जगतार सिंह, सब फायर ऑफिसर, दलीप सिंह, गुरमुख सिंह, गुरमीत सिंह और उनकी टीम के लीडिंग फायरमैन ओम प्रकाश, प्रशांत कुमार, अनिल कुमार, अमरेंद्र सिंह, गुरजंट सिंह, अर्जुन सिंह, प्रेम सिंह मोटरसाइकिलों पर घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने फिर आग पर काबू पाया। आग के कारण मकान की सारी बिल्डिंग में धुआं फैल गया। जिस कमरे में आग लगी थी, उसके ठीक पीछे वाले कमरे में किराए पर रहने वाली जोनी ने बताया कि आग की लपटें और उसकी तपस उनके कमरे तक पहुंच गई थी।
जोनी ने बताया कि उन्होंने भी भागकर अपनी जान बचाई है। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है, देर शाम तक पुलिस आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही थी कि अगर किसी को धुएं से परेशानी हुई है तो उसको अस्पताल पहुंचा कर उसका इलाज करवाया जाएगा। वहीं गांव से पूर्व जिला परिषद सदस्य हरभजन सिंह भी घटनास्थल पहुंचे और उन्होंने हालात का जायजा लिया।