पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े के 133 संदिग्धों में से छह दिन में 22 पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। बाकी 111 की तलाश में दबिश दी जा रही है। भर्ती में गड़बड़ी करने वालों में 40 लड़कियां भी शामिल हैं। इन लड़कियों ने महिला कमांडो और दुर्गा शक्ति की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा दूसरों से दिलाई।
पास होने पर फिजिकल टेस्ट देने नहीं पहुंची। इनमें ज्यादातर लड़कियां हिसार, रोहतक और जींद की रहने वाली हैं। एसआईटी इंचार्ज पंचकूला के एसीपी विजय नेहरा ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वालों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन की ओर से शिकायत मिलने के बाद समन भेजे गए हैं। समन के बावजूद जो हाजिर नहीं हो रहे, उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कई अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के समय बायोमीट्रिक का मिलान न होने के कारण भी पकड़े जा चुके हैं।
अभ्यर्थी और उसकी जगह दौड़ लगाने वाले को भेजा न्यायिक हिरासत
पुरुष सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले सोमवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान पानीपत के गांव चुलकाना निवासी संदीप कुमार, गांव जोरासी निवासी शमशेर और नरवाना के गांव जाजनवाला निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि संदीप की जगह शमशेर ने फिजिकल टेस्ट दिया था। शमशेर ने ही पवन की जगह अपने साथी से दौड़ लगवाई थी। शमशेर ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेनी थी और अपने दोस्त को पांच लाख रुपये का लालच दिया था। पुलिस को अब शमशेर के साथी की तलाश है।
एक बड़ा नेटवर्क
पुलिस भर्ती में हो रहे खुलासा के आधार पर हरियाणा में एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा जा सकता है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में से कई ऐसे हैं जिन्होंने मोटी रकम वसूल कर कई अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा पास करवाई या फिर फिजिकल टेस्ट में दूसरों की जगह दौड़ खुद दौड़ लगाई। इन आरोपियों ने अपने साथियों को भी पैसों का लालच देकर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठाया।