हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में बहने वाले तरुण, सतीश और नरेंद्र ने पिछले साल ही गांव के राजकीय स्कूल से 12वीं पास की थी। तीनों लोहारू के राजकीय कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र हैं। गांव के दल के साथ तीनों हरिद्वार से कांवड़ लाने गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों ज्यादातर साथ ही रहते थे। कांवड़ लेने का प्लान भी तीनों ने साथ ही बनाया। तीनों पहली बार कांवड़ लेने गए हैं। घटना में संयोग की बात यह भी है कि गंगा में डूबे तानों युवकों को तैरना नहीं आता है।
जानकारी के अनुसार, तरुण (17), सतीश (19), नरेंद्र (20), सोमबीर (20) और पप्पू गंगा में बहने लगे। दो युवक किसी तरह किनारे लग गए लेकिन तीन का पता नहीं चला। नदी में बहे किशोर तरुण के पिता ने बताया कि उन्हें दो बेटा और एक बेटी है। तरुण बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। वहीं, सतीश के पिता विक्रम ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। गंगा में बहने वाला नरेंद्र बीए प्रथम वर्ष का छात्र है और घर का इकलौता बेटा है। डूबे तीनों युवकों को खोजने के लिए गोताखोरों की टीम जुटी है। तीनों के परिजन हरिद्वार पहुंच गए हैं।