कैथल जिले के धनौरी गांव में एक व्यक्ति की मौत के मामले में हत्या का शक जताने और सामाजिक प्रताड़ना से आहत होकर एक ही परिवार के तीन लोगों ने मंगलवार रात फंदे से लटककर जान दे दी। परिवार ने सुसाइड नोट छोड़ने के साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल किया है। इसमें परिवार ने उन पर झूठा शक जताने और पुलिस पर उन्हें प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने सात नामजद समेत अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में गढ़ी थाना प्रभारी पर भी एफआईआर दर्ज करने की मांग पर मृतकों के परिजनों ने बुधवार देर शाम करीब साढ़े छह बजे तीनों शव सड़क पर रखकर जींद-खनौरी मार्ग जाम कर दिया। देर रात तक परिजन सड़क पर ही जमे थे।
मंगलवार रात परिवार के आत्महत्या करने से पूर्व करीब साढ़े तीन बजे सोनू (20) ने फेस बुक पर एक वीडियो डाली है। वीडियो में वह एक माह पूर्व गायब गांव के ही ननू उर्फ मनीराम के शव मिलने के मामले में खुद और परिवार को पीड़ित बता रहा है। इसमें वह (सोनू), उसके पिता ओमप्रकाश (48) और मां कमलेश (45) खुद को बेकसूर बताते हुए आत्महत्या की बात कह रहे हैं। मामले में ओमप्रकाश के छोटे भाई बलराज ने भी गत दो दिसंबर को आत्महत्या कर ली थी।
एक ही परिवार के तीन लोगों के आत्महत्या की जानकारी बुधवार सुबह पड़ोसियों ने पुलिस को दी। सूचना पर एसपी नरेंद्र बिजरानिया व एएसपी कुलदीप सिंह सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तीनों के शवों को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले में ओमप्रकाश के भतीजे नरेश की शिकायत पर अंकित, राहुल, मेसा, मनीष, बेदू, अमन, विक्की को नामजद और अन्य 3-4 महिलाओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि तीनों ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया है। इसमें ननू उर्फ मनीराम की हत्या में वह खुद को निर्दोष बता रहे हैं। इसकी जांच की जाएगी। वहीं परिजनों का कहना है कि गढ़ी थाना पुलिस द्वारा ननू की मौत के मामले में परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा था। कहा कि पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए इतना ज्यादा प्रताड़ित किया गया कि तीनों ने आत्महत्या कर ली।
29 नवंबर को मिला था ननू का शव
धनौरी गांव निवासी ननू उर्फ मनीराम 21 नवंबर को लापता हो गया था। इसके बाद गढ़ी थाना पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। पुलिस की जांच के दौरान 29 नवंबर को हंसडहर ड्रेन में ननू का शव बोरी में बंधा मिला था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। ओमप्रकाश व उसके भाई बलराज पर ननू की हत्या शक जताया जा रहा था। इसके चलते दो दिसंबर को ओमप्रकाश के भाई बलराज ने आत्महत्या कर ली थी। ओमप्रकाश के परिवार ने सोशल मीडिया पर डाली वीडियो में कहा है कि उन्हें पूछताछ के नाम पर बार-बार पुलिस परेशान कर रही थी। इसलिए वह आत्महत्या कर रहे हैं।
परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अभी ऐसे कोई भी तथ्य सामने नहीं आए हैं। सुसाइड नोट व वीडियो के आधार पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। -कुलदीप सिंह, एएसपी, नरवाना।