सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक ने बताया कि वेंटिलेटर न होने पर बच्चे को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों ने आग्रह किया कि बच्चे का इलाज यहीं किया जाए। इसके बाद डॉक्टरों ने एंबू बैग से बच्चे को ऑक्सीजन दी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और रात 2:00 बजे उसने दम तोड़ दिया। दोनों मामलों में जच्चा की हालत सामान्य है।
सितंबर में वार्ड को मिला था इनाम
स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर 2018 में प्रदेश के एसएनसीयू वार्ड की रैंकिंग जारी कर पानीपत को पहले स्थान पर रखा था। वार्ड के तत्कालीन इंचार्ज डा. दिनेश दहिया को सम्मानित भी किया था। इसके बावजूद वार्ड में वेंटिलेटर की सुविधा तक नहीं है। जनवरी 2018 से अब तक इस वार्ड में वेंटिलेटर की कमी से 17 शिशुओं की मौत हो चुकी है। अगस्त 2018 में सबसे ज्यादा 5 बच्चों की मौत हुई।
डिमांड भेज रखी है : डा. जैन
सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी है। वेंटिलेटर की कई बार डिमांड भेज चुके हैं। दोबारा फिर डिमांड भेजेंगे। उम्मीद है कि जल्द अस्पताल को वेंटिलेटर मिलेंगे। - डा. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल