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लापरवाहीः हरियाणा के नंबर-1 एसएनसीयू वार्ड में वेंटिलेटर की कमी से 3 नवजातों की गई जान

Wed, 30 Jan 2019 09:27 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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सिंतबर 2018 में प्रदेश में नंबर एक घोषित किए गए पानीपत सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वेंटिलेटर की कमी के कारण सोमवार रात जुड़वां भाई-बहन समेत तीन नवजात की मौत हो गई। तीनों शिशुओं को जन्म के बाद सांस लेने में तकलीफ होने पर वार्ड में शिफ्ट किया गया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वार्ड के लिए पिछले दो साल में वेंटिलेटर के लिए पांच बार डिमांड भेजने के बावजूद अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। वहीं अस्पताल में एक साल में 17 नवजात की मौत हो चुकी है।

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खोजगीपुर के संतराम की पत्नी रीना को डिलीवरी के लिए गुरुवार को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रीना ने जुड़वां बच्चों (लड़का-लड़की)को जन्म दिया, लेकिन सातवें महीने में ही जन्म होने के कारण बच्चे कमजोर थे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें एसएनसीयू वार्ड में शिफ्ट किया था। दोनों को एंबू बैग से ऑक्सीजन सप्लाई की गई। 

सोमवार रात वार्ड में ही 9:00 बजे लड़की और 10:50 बजे लड़के ने दम तोड़ दिया। उधर, गढ़ी बेरल के बरसत की पत्नी महरून को डिलीवरी के लिए रविवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सोमवार दोपहर महरून ने बेटे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चा रोया नहीं था और उसे सांस लेने में काफी दिक्कत थी। बच्चे को प्रसूता वार्ड से एसएनसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया। 

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सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक ने बताया कि वेंटिलेटर न होने पर बच्चे को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों ने आग्रह किया कि बच्चे का इलाज यहीं किया जाए। इसके बाद डॉक्टरों ने एंबू बैग से बच्चे को ऑक्सीजन दी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और रात 2:00 बजे उसने दम तोड़ दिया। दोनों मामलों में जच्चा की हालत सामान्य है। 

सितंबर में वार्ड को मिला था इनाम
स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर 2018 में प्रदेश के एसएनसीयू वार्ड की रैंकिंग जारी कर पानीपत को पहले स्थान पर रखा था। वार्ड के तत्कालीन इंचार्ज डा. दिनेश दहिया को सम्मानित भी किया था। इसके बावजूद वार्ड में वेंटिलेटर की सुविधा तक नहीं है। जनवरी 2018 से अब तक इस वार्ड में वेंटिलेटर की कमी से 17 शिशुओं की मौत हो चुकी है। अगस्त 2018 में सबसे ज्यादा 5 बच्चों की मौत हुई।
 
डिमांड भेज रखी है : डा. जैन 
सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी है। वेंटिलेटर की कई बार डिमांड भेज चुके हैं। दोबारा फिर डिमांड भेजेंगे। उम्मीद है कि जल्द अस्पताल को वेंटिलेटर मिलेंगे। - डा. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल
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