उनके बीच 55 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद कांस्टेबल सुरिंदर राठी 27 जनवरी को रमेश की करियाने की दुकान से दस हजार रुपये ले गया। इसके बाद रमेश पर 45 हजार रुपये के लिए दबाव बनाया जाने लगा। इसकी रमेश ने सीबीआई से शिकायत कर दी। सीबीआई ने रमेश को ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगाकर एसएचओ बलजीत सिंह के पास भेजकर मजबूत साक्ष्य जुटा लिए।
इसके बाद बीते सोमवार की दोपहर जब कांस्टेबल सुरिंदर राठी ने रमेश से 45 हजार रुपये लिए तो सीबीआई ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उससे हुए खुलासे और रिकॉर्डिंग के आधार पर सीबीआई ने इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को पुलिस थाने से उठाया और फिर दोनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन के रेस्ट हाउस ले जाकर पूछताछ की गई। आरोप है कि एसएचओ ने रमेश से पुलिस थाने में बोला था कि उसने कांस्टेबल सुरिंदर राठी और प्रमोद को मैसेज कर दिया है। 20 हजार रुपये उन्हें देकर बाकी अपने हिसाब से देख लेना।
आरोपी पुलिसकर्मी नौकरी से निलंबित
यूटी पुलिस विभाग ने आरोपी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरिंदर राठी को सीबीआई के गिरफ्तार करने पर नौकरी से निलंबित कर दिया। इसके बाद पुलिस विभाग अपने स्तर पर विभागीय जांच में भी जुटा है।
सुलफे सहित पकड़ी महिला कौन
इसी मामले में आरोप है कि इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और उनकी टीम ने एक महिला और एक व्यक्ति को पकड़ा था। महिला के कब्जे से सुलफे की पुड़िया बरामद हुई, लेकिन महिला पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद नशे को शिकायतकर्ता रमेश के भतीजे व अन्य युवकों पर डालने का प्रयास किया।
सीबीआई फरार कांस्टेबल प्रमोद की भूमिका जानने के प्रयास में है। बकौल रमेश एसएचओ बलजीत सिंह ने उसके भतीजे और अन्य लड़कों पर नशीले टीके पकड़े जाने का केस डालने की धमकी भी दी थी।