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एसएचओ और कांस्टेबल 3 दिन के रिमांड पर, केस में कुछ और पुलिसकर्मी हो सकते हैं शामिल

Wed, 30 Jan 2019 09:22 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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cbi - फोटो : PTI
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थाना मौलीजागरां के एसएचओ इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरिंदर राठी को 45 हजार रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की नजर विभाग के कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर है। सीबीआई अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पता लगाने के प्रयास में है। मंगलवार को इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरिंदर राठी को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। 

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सीबीआई के वकील ने दलील दी कि रिश्वत मामले में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका का पता लगाना जरूरी है। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ की जानी है। इसमें कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हो सकते हैं। सीबीआई की जांच टीम ने अदालत से आरोपियों के पांच दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने तीन दिन के रिमांड की मंजूरी दी। 

इससे पहले कांस्टेबल सुरिंदर राठी की ओर से वकील गगन अग्रवाल अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत से कहा कि सुरिंदर राठी 24 घंटे से सीबीआई की हिरासत में है और उसके रिमांड की आवश्यकता नहीं है। दोनों पुलिस कर्मचारियों पर नशा मिलने के बाद दो युवकों को गिरफ्तार नहीं करने के एवज में उनसे 55 हजार रुपये रिश्वत मांगने और 45 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के आरोप हैं।
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सीबीआई ने ऐसे लगाया ट्रैप
मौलीजागरां के विकास नगर में अहाता संचालक रमेश की शिकायत पर सीबीआई ने बीते सोमवार को ट्रैप लगाया था। शिकायतकर्ता रमेश ने बताया था कि 26 जनवरी को विकास नगर के पार्क के पास से पुलिस ने कुछ लड़कों को सिगरेट पीते पकड़ा था। इन लड़कों में से एक उनका भतीजा भी शामिल था। आरोपों के मुताबिक इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने उनके भतीजे और अन्य लड़कों को छोड़ने के एवज में रमेश से 1.20 लाख रुपये की डिमांड की।

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उनके बीच 55 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद कांस्टेबल सुरिंदर राठी 27 जनवरी को रमेश की करियाने की दुकान से दस हजार रुपये ले गया। इसके बाद रमेश पर 45 हजार रुपये के लिए दबाव बनाया जाने लगा। इसकी रमेश ने सीबीआई से शिकायत कर दी। सीबीआई ने रमेश को ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगाकर एसएचओ बलजीत सिंह के पास भेजकर मजबूत साक्ष्य जुटा लिए। 

इसके बाद बीते सोमवार की दोपहर जब कांस्टेबल सुरिंदर राठी ने रमेश से 45 हजार रुपये लिए तो सीबीआई ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उससे हुए खुलासे और रिकॉर्डिंग के आधार पर सीबीआई ने इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को पुलिस थाने से उठाया और फिर दोनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन के रेस्ट हाउस ले जाकर पूछताछ की गई। आरोप है कि एसएचओ ने रमेश से पुलिस थाने में बोला था कि उसने कांस्टेबल सुरिंदर राठी और प्रमोद को मैसेज कर दिया है। 20 हजार रुपये उन्हें देकर बाकी अपने हिसाब से देख लेना।

आरोपी पुलिसकर्मी नौकरी से निलंबित 
यूटी पुलिस विभाग ने आरोपी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरिंदर राठी को सीबीआई के गिरफ्तार करने पर नौकरी से निलंबित कर दिया। इसके बाद पुलिस विभाग अपने स्तर पर विभागीय जांच में भी जुटा है। 

सुलफे सहित पकड़ी महिला कौन 
इसी मामले में आरोप है कि इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और उनकी टीम ने एक महिला और एक व्यक्ति को पकड़ा था। महिला के कब्जे से सुलफे की पुड़िया बरामद हुई, लेकिन महिला पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद नशे को शिकायतकर्ता रमेश के भतीजे व अन्य युवकों पर डालने का प्रयास किया। 

सीबीआई फरार कांस्टेबल प्रमोद की भूमिका जानने के प्रयास में है। बकौल रमेश एसएचओ बलजीत सिंह ने उसके भतीजे और अन्य लड़कों पर नशीले टीके पकड़े जाने का केस डालने की धमकी भी दी थी। 
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