23 मरीजों को कराया गया मुक्त
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उसके अलावा किसी के सिर के बाल काट दिए या किसी की आधी मूछें काट दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि कई लोगों का तो संचालकों के अत्याचारों से मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया है। एक पीड़ित ने संचालकों के अत्याचार के कारण खुदकुशी करने की भी कोशिश की।
डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर डॉक्टर आदित्य ने बताया कि उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि यहां अवैध रूप से एक नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है, जिसके अंदर कुछ लोगों को बंद करके रखा गया है। जिला प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
यहां आकर देखा कि 23 लोगों को ताला लगा कर सलाखों के पीछे रखा गया था। संचालक पंजाब के रहने वाले थे और पुलिस के पहुंचते ही वे यहां से मौका देख कर निकल गए। नशा मुक्ति केंद्र के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट होती थी। इनको सरकारी नशा मुक्ति केंद्र पर भेजा जाएगा। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
गांव जल्लाह में एक अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। वहां पर मरीजों को प्रताड़ित किया जाता था। वहां डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से कार्रवाई की गई है। - मुकेश कुमार, थाना प्रभारी