विदेश भेजने का झांसा देकर बेंगलुरू ले जाने और वहां बंधक बना कर रखने के बाद हत्या का पहला मामला होशियारपुर में टांडा-उड़मुड़ ब्लाक के गांव कल्याणपुर में जनवरी 2018 में सामने आया था। सुरिंदरपाल सिंह पाली पुत्र सेवा सिंह निवासी कल्याणपुर को तीन दिसंबर 2017 को ट्रेवल एजेंट कनाडा ले जाने के लिए लेकर गया था। उसे बेंगलूरू ले जाकर परिजनों से फोन कर पैसे मंगवाने को कहा गया था। पाली ने फोन करने से इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उससे मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई थी।
मामले का खुलासा तब हुआ था जब कनाडा भेजने का झांसा दे कर बेंगलूरू ले जाने के बाद वहां बंधक बना कर रखे गए दो नौजवान मनी निवासी चक्क शरीफ और खुरदां निवासी गोपी 22 और 21 लाख रुपये की फिरौती देने के बाद घर लौटे। उन्होंने ही पाली को अगवा करके बेंगलूरू में बंधक बनाकर रखने की बात उसके परिजनों को बताई थी। इसके बाद पुलिस ने 15 जनवरी 2018 को पाली के साले गोबिंद सिंह पुत्र दलजीत सिंह निवासी लम्मे (कपूरथला) के बयान पर हरमिंदर सिंह शैली निवासी चक्क शरीफ, जेडी पटेल, संजीव और नरेश पटेल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जांच में सामने आया कि पाली की लाश बेंगलूरू पुलिस को छह दिसंबर को थाना रामनगर रूरल इलाके में झाड़ियों में मिली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर 72 घंटे तक लाश को रखने के बाद अज्ञात समझ कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था। जांच के दौरान पुलिस को कुछ फोटो भी मिले थे, लेकिन उनका नाम-पता कन्फर्म नहीं हो पाया।
कनाडा में पैसे देेने की कही थी बात
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
पुलिस को दिए अपने बयान में गोबिंद सिंह ने बताया कि हरमिंदर सिंह शैली उसके जीजा सुरिंदरपाल सिंह को तीन दिसंबर 2017 को कनाडा ले जाने के लिए लेकर गया था। गोबिंद सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके जीजा को शैली और उसके साथियों ने कनाडा भेजने के बजाय बेंगलूरू में बंधक बनाकर रखा। यह जानकारी उसके जीजा के साथ गए शैली के पड़ोसी मनी निवासी चक्क शरीफ और उसके भांजे खुरदां निवासी गोपी ने दी थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पाली की हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जेडी पटेल, नरेश पटेल और संजीव फर्जी नाम थे। वहीं मुख्य आरोपी शैली ने बाद में दसूहा में जज महक सभरवाल की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
एसएचओ टांडा प्रदीप कुमार ने बताया कि शैली को दिल्ली में परसराम और सुमित कुमार निवासी खेड़ा खेमी पत्ती, सफीदों जिला पानीपत मिले थे। उन्होंने हरियाणा के बहादुरगढ़, जिला झज्जर निवासी परमिंदर जून और पानीपत के मतलौडा निवासी सुनील कुमार को उससे मिलवाया। इन लोगों ने उसे बताया कि वह लोगों को कनाडा भेजने का काम करते हैं और इसके लिए 20-22 लाख रुपये लेते हैं। उन लोगों ने उसे भरोसा दिलाया था कि सारे पैसे कनाडा पहुंचने के बाद ही देने होते हैं।
शैली ने उनके भरोसे में आकर न सिर्फ पाली बल्कि अपने पड़ोसी और भांजे को भी उनके पास भेजा था। उन दोनों को भी आरोपियों ने बेंगलूरू में पाली के साथ ही बंदी बना लिया था और उनसे घर पर इंटरनेट के जरिए फोन भी करवा दिया कि वह कनाडा पहुंच गए हैं। पाली ने फोन करने से इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उससे मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई थी। शैली की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने परसराम और सुमित को भी गिरफ्तार किया था। इस वक्त शैली, परसराम और सुमित बेंगलूरू में जेल में हैं । परमिंदर जून और सुनील को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।