नशे की लत को छुड़ाने के लिए जिस नशा छुड़ाओं केंद्र पर आंख बंद कर के लोगों ने भरोसा किया, वहीं से ड्रग्स बेची जाती रही। जालंधर के नकोदर में सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल मरीजों को नशा बेचने के आरोप में पुलिस ने स्टाफ के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा आरोपियों से नशा खरीदने वाले दो लोगों को भी काबू किया है। नशा बेचने वाले स्टाफ सदस्यों में स्टाफ नर्स आशा रानी निवासी गांव कुलार थाना शारकोट, काउंसलिंग वर्कर मनिंदर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर जगजीत सिंह उर्फ जग्गी निवासी कपूरथला व चपरासी रजिंदर कुमार आशु निवासी भगत सिंह नगर नकोदर शामिल हैं।
इसके अलावा नशा खरीदने वालों की पहचान चरनजीत उर्फ लड्डू, गुरिंदर सिंह निवासी गांव कंगनां नकोदर के तौर पर हुई है। एसपी इंवेस्टीगेशन बलकार सिंह ने कहा कि सूचना मिली थी कि सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में नशा बेचा जा रहा है। इसकी जांच करते थाना नकोदर के प्रभारी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह व एसआई परमजीत सिंह ने नशा छुड़ाओ केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स आशा रानी, काउंसलिंग वर्कर मनिंदर सिंह, कंप्यूटर आपरेटर जगजीत सिंह उर्फ जग्गी व चपरासी रजिंदर कुमार आशु को नशीली गोलियों समेत गिरफ्तार किया। पुलिस को इन आरोपियों के पास से 10 डिब्बों में भरी एक हजार नशीली गोलियां बरामद हुई हैं।