खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी जगतार सिंह तारा को रविवार को रोपड़ पुलिस 23 साल पुराने एक केस के सिलसिले में प्रोडक्शन वारंट पर ले गई। तारा को सोमवार सुबह करीब 11 बजे रोपड़ अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय सिख संगत के प्रेसीडेंट रूलदा सिंह मर्डर केस में तारा को जुडीशियल रिमांड पर भेज दिया गया है।
सरकारी वकील चरनजीत पराशर ने बताया कि आतंकी तारा को पुलिस रिमांड खत्म हो जाने के बाद रविवार बाद दोपहर जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट रवनीत सिंह की कोर्ट में पेश किया गया।
जहां से तारा को रूलदा मर्डर केस में छह फरवरी तक के लिए जुडीशियल रिमांड पर भेज दिया गया। रविवार को कोर्ट में रोपड़ पुलिस भी आतंकी तारा की एक 23 साल पुराने केस में गिरफ्तारी की अनुमति लेने पहुंची हुई थी।
पुलिस पार्टी पर किया था हमला
कोर्ट ने रोपड़ पुलिस की याचिका को मंजूर करते उन्हें तारा को गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी। इसके बाद रोपड़ पुलिस तारा को गिरफ्तार करके ले गई।
जगतार सिंह तारा पर 1991 में पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने के आरोप में जिला के थाना सिटी में धारा 307 के तहत मामला दर्ज है। एसएसपी वरिदंरपाल सिंह ने बताया कि तारा ने 26 मार्च 1991 को दोषी परमजीत सिंह भ्यौरा, जसविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह और जसवीर सिंह के साथ पुलिस पार्टी पर फायरिंग की थी।
सभी पर हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तारा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन तारा जमानत पर रिहा हो गया था। इसके बाद अदालत ने इस मामले में तारा को भगोड़ा करार दे दिया था।
रोपड़ के डेकवाला का है तारा
आतंकी जगतार सिंह तारा रोपड़ के गांव डेकवाला का रहने वाला है। तारा के परिजन अभी भी गांव में रह रहे हैं पर वे तारा के बारे में कुछ भी नहीं बोलना चाहते। तारा छह भाइयों में सबसे छोटा है। उसके दो भाइयों और माता-पिता की मौत हो चुकी है।