फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीचर भर्ती घोटाला: नैन ने किए बड़े खुलासे, कई टीचर्स की मुश्किलें बढ़ेंगी

Mon, 07 Nov 2016 02:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Jail
विज्ञापन
टीचर भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किए गए बृजेंद्र नैन ने पूछताछ में पुलिस को काफी कुछ बताया है, जिसके बाद कई टीचर्स की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वहीं एसआईटी उससे पूछताछ में सामने आए कैंडीडेट टीचरों से पूछताछ कर रही है। पिछले 3 दिन में 20 के करीब कैंडीडेट टीचरों से पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने नैन के पैसे लेकर पेपर पास करवाने की बात की पुष्टि की है।
विज्ञापन


वहीं नैन को लेकर लखनऊ गई टीम देर रात या सोमवार सुबह शहर में पहुंच जाएगी। पुलिस आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भर्ती घोटाले में सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कई कैंडीडेट टीचरों के नाम का खुलासा किया था। इनमें से अधिकतर हरियाणा से थे। एसआईटी ने उन सभी को पूछताछ के लिए बुलाया था।

सूत्रों के अनुसार अधिकतर टीचरों ने नैन के पैसे लेकर पेपर पास करवाने की बात की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने उसे पैसे देने की बात से इंकार किया है। एसआईटी अब तक 20 के करीब टीचरों से पूछताछ कर चुकी है। साथ ही आगे भी कई टीचरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार स्पेशल टीम लखनऊ के उस होटल में गई, जहां कैंडीडेट्स को शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में आने वाला लीक पेपर देकर उनकी तैयारियां करवाई गई थी।
विज्ञापन


नैन के होटल में कई लोगों को लेकर आने की होटल प्रबंधन ने पुष्टि की है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ले ली है। इसमें नैन दिखाई दिया है। इसके अलावा कई अन्य सुराग भी हाथ लगे हैं। इनके बारे में पुलिस आने वाले दिनों में खुलासा करेगी। नैन का पुलिस रिमांड सोमवार को समाप्त हो रहा है। पुलिस उसका और रिमांड मांग सकती है।

 
विज्ञापन

ये है भर्ती घोटाले का पूरा मामला

Jail Shimla
यूटी विभाग ने पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी टीचरों की भर्ती पिछले साल की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परिक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है।

इसके बाद पंजाब विजिलेंस एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था।

इस दौरान एसआईटी की एक टीम दिनेश को लखनऊ के उस होटल में भी लेकर गई थी, जहां पर कैंडीडेट्स को शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में आने वाला लीक पेपर देकर उनकी तैयारियां करवाई गई थी। दिनेश ने ही पैसे देकर भर्ती होने वाले कैंडीडेट्स की तलाश की थी। पुलिस का कहना है कि दिनेश यादव ने ही भर्ती होने वाले कैंडीडेट्स ढूंढे थे जो पैसे देकर भर्ती होना चाहते थे। आरोपी ने लोगों और इस घोटाले के मास्टरमाइंड के बीच का सूत्रधार था। इसके बाद पुलिस टीम ने 1 नवंबर को सहआरोपी सोपीनत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें