पिंजौर के एक स्कूल में मीटिंग के दौरान बाहरी युवकों ने स्कूल परिसर में घुसकर दो अध्यापकों को बुरी तरह पीटा। घटना के दौरान स्कूल में बच्चों के अभिभावक और गांव के लोग भी मौजूद थे।
युवकों द्वारा अध्यापकों को पीटे जाने की घटना गांव बसौंला के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की है। स्कूल के प्रिंसिपल अजीत सिंघ चुघ की शिकायत पर पुलिस ने करीब आधा दर्जन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रिंसिपल ने बताया कि 25 जनवरी को स्कूल की आधी छ्ट्टी के दौरान स्कूल की सीमा के बाहर स्कूल में पहले पढ़ चुका युवक मनजिंदर खड़ा था। प्रिंसिपल द्वारा अंग्रेजी के अध्यापक राजबीर सिंह स्पोर्ट्स के अध्यापक राजबीर सिंह का जांच के लिए भेजा।
जिस पर युवक द्वारा अध्यापकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अपने अन्य साथी नवनीत को बुला लिया। दोनों युवकों ने गाली गलौच करते अध्यापकों को धमकी दी कि तुम्हें स्कूल से बाहर देख लेंगे।
उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के बाद आयोजित पीटीएमए एसएमसी की मीटिंग में जब पत्थर फेंके जाने पर चर्चा हुई तो अभिभावक ओमप्रकाश द्वारा मीटिंग में मनजिंदर को स्कूल में बुला कर पीटना शुरू कर दिया। ऐसा होने पर अध्यापकों द्वारा ओमप्रकाश को रोका भी गया।
इतने में स्कूल परिसर में आकर नवनीत, मनजिंदर, काली, बग्गी, मंदीप करीब आधा दर्जन युवकों ने अध्यापकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान स्पोर्ट्स टीचर के सिर पर कांच का ग्लास मार कर उसका सिर फोड़ दिया, जबकि अंग्रेजी क अध्यापक के ऊपर गमला, पत्थरों और कुर्सियों से हमला किया गया। हमले के दौरान अध्यापक का पर्स भी खो गया।
सुनियोजित था ये हमला
प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि हमला सुनियोजित था। क्योंकि 26 जनवरी के समारोह में झांकी प्रदर्शन के दौरान सुबह मनजिंदर व अन्य युवकों द्वारा गणित के अध्यापक प्रवीण सैनी को धमकी दी गई थी कि गांव की पिटाई क्या होती है वो आज पता चलेगा और दोपहर करीब एक बजे स्कूल में इस घटना को अंजाम दिया गया।
हरियाणा स्कूल लेक्चरार एसोसिएशन आया पक्ष में: जिला प्रधान चमनलाल कौशिक ने बताया कि अध्यापकों की सुरक्षा को लेकर वे और शिक्षा विभाग पंचकूला के आला अधिकारी डीसी पंचकूला और डीसीपी को मिले। जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने अध्यापकों को आश्वासन दिया कि स्कूल में उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।