फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीचर भर्ती घोटाला: व्यापमं घोटाले से जुड़े दो आरोपियों के नाम का खुलासा

Mon, 07 Nov 2016 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
गिरफ्तार सहआरोपी बृजेंद्र नैन को पुलिस ने किया अदालत में पेश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंडीगढ़ से जुड़े टीचर भर्ती घोटाले के तार मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले से जुड़ रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में आए घोटाले के सहआरोपी बृजेंद्र नैन ने व्यापमं घोटाले से जुड़े दो आरोपियों के नाम का खुलासा किया है। पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अब उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। 
विज्ञापन


वहीं सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने पूछताछ के बाद कुछ टीचरों को हिरासत में लिया है। हालांकि अधिकारी इस मामले में औपचारिक तौर पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। 
वहीं सोमवार पुलिस ने बृजेंद्र नैन को चार दिन का रिमांड समाप्त होने पर जिला अदालत में पेश किया। अदालत से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नैन का 10 दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने दलील दी कि आरोपी ने डिस्क्लोजर स्टेटमेंट दी है।
विज्ञापन


उसमें उसने दो आरोपियों एके सिंह और संजय कुमार के नाम का खुलासा किया है। पुलिस को आरोपी को पटना ले जाकर जांच करनी है। साथ ही उससे उसका लैपटॉप बरामद करना है और 15 अन्य संदिग्ध टीचरों की शिनाख्त करनी है। इसके अलावा आरोपी ने एक बस का नंबर भी बताया है, जिसमें वह कैंडिडेट्स को लेकर गया था। बचाव पक्ष के रिमांड का विरोध करने पर अदालत ने नैन की पुलिस रिमांड तीन दिन और बढ़ा दी। अब पुलिस को आरोपी को 10 नवंबर को पेश करना होगा। 
विज्ञापन

यह है मामला

arrest - फोटो : demo pic
संदिग्ध टीचर हिरासत में!
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शिक्षक भर्ती घोटाले में पैसे देकर भर्ती हुए कुछ संदिग्ध टीचरों को पुलिस हिरासत में ले चुकी है। पुलिस को इस मामले में भर्ती हुए 25 टीचरों पर शक है। डीएसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में व्यापमं घोटाले के दो आरोपी आरके सिंह और संजय कुमार का नाम लिया है। पुलिस इन दोनों के बारे में पड़ताल कर रही है।  मामले के मास्टर माइंड मिथिलेश पांडे उर्फ गुरु जी के बारे में पुलिस का कहना है कि उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। उसके बारे में अब तक पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास उसकी कोई जानकारी नहीं है।

यह है मामला 
यूटी विभाग में 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती पिछले साल की गई थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है।

इसके बाद पंजाब विजिलेंस एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने 1 नवंबर को सहआरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें