आरोपी नशा तस्कर की कोर्ट में पेशी आज
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नशा तस्करी के आरोप में साथी के साथ गिरफ्तार यूटी पुलिस के पूर्व जवान को पुलिस ने रिमांड अवधि खत्म होने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों में चंडीगढ़ पुलिस का कंप्लसरी रिटायर्ड हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार निवासी मुल्लांपुर मोहाली और कुलविंद्र सिंह निवासी गांव खुड्डा अलीशेर शामिल है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सारंगपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। कुलदीप कुमार के खिलाफ पहले भी कार चोरी के मामले में केस दर्ज किया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य आरोपी के नाम का खुलासा किया है, जिससे वे 19 ग्राम हेरोइन खरीद कर लाए थे।
गौरतलब है कि जिला अपराध शाखा में तैनात एएसआई कुलवंत सिंह, एएसआई सुधीर व कांस्टेबल नवीन और संदीप कुमार द्वारा बीती मंगलवार की रात को इलाके में गश्त की जा रही थी। जब वह आईआरबी कांप्लेक्स के पास पहुंचे तो उन्होंने दो युवकों को अपनी ओर आते देखा। लेकिन यह दोनों युवक पुलिस को देखते ही वहां से वापस मुड़ गए और भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस जवानों ने शक के आधार पर दोनों युवकों को रोककर पूछताछ शुरू कर दी और इनसे वापस मुड़ने का कारण पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इनमें एक युवक ने अपना नाम कुलदीप तो दूसरे ने कुलविंद्र सिंह बताया।
कुलदीप सिंह ने चेकिंग टीम को अपना आईडी कार्ड दिखाया और कहा कि वह चंडीगढ़ पुलिस का जवान है और आईआरबी में तैनात है। लेकिन शक होने पर चेकिंग टीम ने जब अपने आलाधिकारियों से कुलदीप कुमार के बारे में पता किया तो पता चला कि कुलदीप कुमार को कुछ महीने पहले ही आईआरबी चंडीगढ़ पुलिस से कंप्लसरी रिटायर किया जा चुका है।
ऐसे में पुलिस ने जब इनकी तलाशी ली तो कुलदीप कुमार के पास मौजूद ग्रे रंग के थैले को चेक किया तो उसमें से एक पैकेट निकला जिसमें सफेद रंग का पाउडर था। चेक करने पर यह पाउडर हेरोइन निकली। पुलिस की पूछताछ के दौरान यह हेरोइन से संबंधित कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सकें जिसके चलते निलंबित जवान कुलदीप व उसके दूसरे साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सारंगपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था।