बागपत की जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या करने वाले सुनील राठी गैंग में हरियाणा के भी कई बदमाश हैं। वर्ष 2014 में भूरा को जेल से छुड़ाने के मामले को हरियाणा के बदमाशों के माध्यम से ही अंजाम दिलाया गया था। गिरोह के हरियाणा के सदस्यों पर शिकंजा कसने को बागपत और मेरठ पुलिस ने हरियाणा पुलिस से भी सहयोग मांगा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी भी हरियाणा के कई बदमाश सुनील राठी के लगातार संपर्क में हैं।
तीन दिन पूर्व ही बागपत की जिला जेल में झांसी की जेल से शिफ्ट किए गए मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप बागपत के ही टीकरी गांव के कुख्यात सुनील राठी पर था। सुनील राठी भी बागपत की जिला जेल में ही बंद है। कोर्ट में पेशी से पूर्व मुन्ना को मौत के घाट उतारा गया।
सूत्रों के अनुसार, मुन्ना बजरंगी की हत्या में जिस सुनील राठी का नाम सामने आ रहा है, वह बागपत के टीकरी गांव का ही रहने वाला है तथा पिछले करीब छह माह से बागपत की ही जेल में बंद है। सुनील राठी जेल से ही गिरोह संचालित करता है। गिरोह में हरियाणा के भी 10 से अधिक बदमाश शामिल हैं।
वर्ष 2014 में यूपी के बागपत से मुजफ्फरनगर के कुख्यात अमित सरनावली उर्फ भूरा को उस समय छुड़ा लिया गया था जब यूके पुलिस उसे बागपत कोर्ट लेकर आ रही थी। पुलिसकर्मियों से उनके हथियार भी लूट लिए थे। इस घटना को सुनील राठी ने ही दिल्ली, हरियाणा और बागपत के बदमाशों से अंजाम दिलाया था। हालांकि बाद में भूरा व उसके छुड़वाने वाले हरियाणा के सोनीपत निवासी बदमाश सद्दाम, मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
भूरा पर कर दिया गया था दस लाख का इनाम घोषित
बागपत से भूरा को पुलिस अभिरक्षा से छुड़वाने की घटना के बाद भूरा पर यूके और यूपी पुलिस ने पांच-पांच यानी दस लाख का इनाम घोषित कर दिया था। बाद में भूरा को सुनील ने ही पंजाब पुलिस के हाथों पकड़वाया था।
हरियाणा में ही ली थी शरण
भूरा के फरारी के बाद वर्ष 2014 में भूरा, दिल्ली और हरियाणा के बदमाश सद्दाम ने सोनीपत और बहालगढ़ में शरण ली थी। बाद में सद्दाम ने गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा किया था।
सुनील राठी गिरोह के हरियाणा के सदस्यों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है। इसके अलावा बागपत में सक्रिय बदमाशों का भी ब्योरा तैयार कराकर उन पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
- जय प्रकाश, एसपी बागपत