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समय से पहले सिलेबस पूरा कर लिया तो टीचर ने दी वो सजा, परिजन सकते में

Mon, 01 Aug 2016 08:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
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Notebook - फोटो : amar ujala
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छात्र ने समय से पहले ही सिलेबस पूरा कर लिया। इससे टीचर को इतना गुस्सा आया कि उसने उसे वो सजा दी, परिजनों के होश उड़ गए। सेंट जेवियर्स जूनियर स्कूल की एक शिक्षिका ने छात्रा द्वारा समय से पहले सिलेबस पूरा करने पर उसकी नोट बुक और किताबें फाड़ डालीं। यह आरोप पंचकूला सेक्टर-20 निवासी छात्रा की मां सुधा गौतम ने लगाया है। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो शिक्षिका लगातार तीन दिन तक बच्ची को सजा देती रही। 
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सुधा ने बताया कि शिक्षिका ने बच्ची को धूप में क्लास रूम के बाहर खड़ा कर दिया था। इसके साथ ही बच्ची को पानी भी नहीं पीने देती थी। छात्रा की मां ने जब इस संबंध में प्रिंसिपल से शिकायत की तो प्रिंसिपल ने उनकी फरियाद नहीं सुनी। प्रिंसिपल ने शिक्षिका के बजाय मां को डांटा।

जब पीड़ित मां पंचकूला सेक्टर-20 थाने में शिक्षिका की शिकायत करने पहुंची तो वहां मौजूद एएसआई ने कार्रवाई करने के बजाय उनका मजाक उड़ाया। महिला ने शनिवार को मामले की शिकायत पंचकूला के डीसीपी को दी है। उन्होंने सेक्टर-20 के एसएचओ से मिलकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसएचओ ने मुलाजिमों को फटकार लगाई और मामले की जांच के लिए महिला को आश्वस्त किया है।  
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सेकेंड क्लास की है छात्रा
सेक्टर-20 की रहने वाली सुधा ने बताया कि उनकी सात वर्षीय बेटी सेंट जेवियर्स जूनियर स्कूल में क्लास सेकेंड ए की छात्रा है। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियों में उसने अपना सिलेबस पूरा कर लिया था।

स्कूल खुलने पर 11 जून को उनकी बेटी स्कूल गई तो स्कूल की शिक्षिका मोनिका भारद्वाज ने आपत्ति जताई और कहा कि एक्ट्रा वर्क क्यों किया। जब वह जवाब नहीं दे पाई तो शिक्षिका रोजाना बच्ची की किताबें और नोट बुक फाड़ने लगी। सुधा ने बताया कि मामला हद से बढ़ने लगा तो उन्होंने 22 जून को स्कूल प्रिंसिपल को मामले की शिकायत दी।

इसके बाद सुधार होने के बजाय स्कूल टीचर का बर्ताव बच्ची के प्रति और ज्यादा सख्त हो गया और वह अन्य सिलेबस की किताबें फाड़ने लगी। इसके बाद उन्होंने 27 जून को शिक्षिका के खिलाफ प्रिंसिपल से फिर शिकायत कीं तो टीचर से कुछ पूछने के बजाय प्रिंसिपल ने मां को ही डांट लगा दी।

इसके बाद से शिक्षिका ने छात्रा को रोजाना परेशान करना शुरू कर दिया। वह कभी क्लास के बाहर खड़ी कर देती थी और कई बार बच्ची का पानी और लंच तक बंद कर दिया जाता था। सुधा के अनुसार धूप में बच्ची को काफी देर तक खड़ा रहने की वजह से बच्ची को बुखार भी है।        
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थाने में पुलिसकर्मियों ने मां की एक न सुनी

Student's Mother - फोटो : amar ujala
थाने में पुलिसकर्मियों ने मां की एक न सुनी
28 जुलाई को सुधा ने शिक्षिका के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-20 थाने में शिकायत देने गईं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के बजाय थाने में मौजूद पुलिसकर्मी हंसने लगे। फिर वह शनिवार को थाने गईं तो एसएचओ से मुलाकात हुई। एचएचओ ने जानकारी मिलने के बाद मुलाजिमों को फटकार लगाई और महिला को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच वह खुद करेंगे। 

कार्डियक प्रॉबलम की वजह से मां ने पहले पूरा करा दिया था सिलेबस 
सुधा ने कहा कि उन्हें कार्डियक प्रॉबलम है। उनका इलाज फोर्टिस में चल रहा है। इसी वजह से उन्होंने पहले ही बेटी के सिलेबस को पूरा करवा दिया था। 

कोट
मामले की शिकायत मेरे पास आई है। पीड़ित मां की शिकायत न सुनने वाले मुलाजिमों को फटकार लगाया हूं। इस मामले की जांच खुद करूंगा।
- यशदीप सिंह, इंस्पेक्टर, सेक्टर-20 थाना।
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