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'सर करते थे सेक्स, हर चौथे दिन आता था मेरा नंबर'

Tue, 14 Jul 2015 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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‘जुल्फिकार ने पढ़ने के लिए बुलाया था। जो ड्रिंक पीने को दिया उसमें नींद की गोली थी। नींद खुली तो पता चला कि कुकर्म हुआ है। रोने पर उसने धमकाया कि तुम्हारी वीडियो बना ली है। जैसे मैं कहूं वैसे करना। इसके बाद वह हर चौथे-पांचवें दिन सेक्स के लिए मजबूर करता था।’ यह दास्तां उस पीड़ित की है, जिसने इस मामले को उजागर किया है।
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पीड़ित ने अमर उजाला को बताया कि सेक्स के बाद वह बोलता था कि अगर इसके बारे में परिवार के लोगों को पता चला तो बहुत बेइज्जती होगी। पुलिस भी उन्हें प्रताड़ित करेगी।

जुल्फिकार हर चौथे-पांचवें दिन सेक्स के लिए उनको देर रात ऑफिस में बुलाता था। कभी कभी एक अपरिचित व्यक्ति भी सेक्स के दौरान आता था। पीड़ित का कहना है कि वह व्यक्ति एनजीओ से नहीं जुड़ा है।
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अलमारी से सीडी बरामद
डीएसपी सतीश कुमार के अनुसार आरोपी की अलमारी से बच्चों से कुकर्म की सीडी बरामद की गई है। सीडी में बच्चे दिखाई दे रहे हैं। हालांकि जुल्फिकार का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है। इसके अलावा कई अन्य अश्लील सीडी भी बरामद हुई हैं।

यौन शोषण के दौरान वीडियो भी बनाता था

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी यौन शोषण के दौरान उनकी वीडियो रिकार्डिंग भी करता था। वीडियो जिस कैमरे से बनाए गए उसे और एक मोबाइल को उसने किसी करीबी की मदद से मूल राज्य उत्तर प्रदेश भेज दिया है। पुलिस को जो तस्वीरें मिली हैं, वह शिकायतकर्ता के मोबाइल से खींची हुई हैं।

इसका पता चलने पर उसने उससे मोबाइल छीन लिया था और उसे भी यूपी भिजवा दिया था। पुलिस ने उसी मोबाइल और अन्य सबूत बरामद करने की बात कोर्ट में कही है। इस पर बचाव पक्ष के वकील गगन अग्रवाल ने पुलिस के उत्तर प्रदेश कनेक्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोपी 22 साल से चंडीगढ़ में रह रहा है।

बोला, वायरल हुए फोटो मेरे नहीं
कोर्ट रूम के बाहर जुल्फिकार ने कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। उसकी आपत्तिजनक फोटो वायरल होने के बाबत उसने कहा कि यह फोटो उसके नहीं हैं। इसे मॉर्फ किया गया है। उसने उनके एनजीओ में काम करने वाले पुराने सहयोगी कंवर पाल पर उसे फंसाने का आरोप लगाया।

जुल्फिकार का कहना था कि उसे उसने एनजीओ से चोरी करने पर निकाल दिया था। इसके बाद से वह उससे रंजिश रख रहा था। सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ जाएगी। वहीं उसने सवाल किया कि पुलिस ने कंवर पाल के साथ बच्चों के बयान क्यों नहीं लिए हैं?

5 दिन के रिमांड पर भेजा गया

जुल्फिकार खान को कोर्ट ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एक दिन की रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट डेजी बांगड़ की कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें पेश कीं। साथ ही जिस मोबाइल से ये तस्वीरें ली गईं, उसकी यूपी से बरामदगी की दलील देते हुए 7 दिन का रिमांड मांगा।

इस पर बचाव पक्ष ने विरोध करते हुए कहा कि पुलिस पहले भी आरोपी का एक दिन का रिमांड ले चुकी है, लेकिन अब तक कुछ भी बरामदगी नहीं दिखाई है। इस आधार पर रिमांड को कोई तर्क नहीं बनता। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस को आरोपी का 5 दिन का रिमांड दे दिया। साथ ही पुलिस को आदेश दिए कि आरोपी का मेडिकल करवाया जाए। पुलिस आरोपी को 18 जुलाई को कोर्ट में पेश करेगी।

हंसते हुए आया रोते हुए गया
कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान जुल्फिकार हंसते हुए आया। उसने कोर्ट रूम के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत भी की। कोर्ट में भी उसने पांच दिन के रिमांड को ज्यादा बताते हुए जज के समक्ष इसे कम करने की गुहार लगाई। कोर्ट से पेशी के बाद जाते हुए वह रोते हुए गया।

प्रशासन ने बंद की थिएटर एज की साइट

जुल्फिकार की गिरफ्तारी के बाद उसके एनजीओ की साइट भी बंद हो गई है। हालांकि, जुल्फिकार का कहना है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है।

किस विभाग से लिया कितना पैसा
जुल्फिकार खान करीब 20 साल से थियेटर के माध्यम से गरीब बच्चों की मदद का दावा करता रहा। इस काम में चंडीगढ़ प्रशासन के कई अधिकारियों ने भी उनकी काफी मदद की है। यूटी प्रशासन ने सोमवार को यह रिपोर्ट भी तैयार करने के लिए कहा है कि जुल्फिकार को प्रशासन के किसी भी विभाग की ओर से कब-कब और कितनी वित्तीय सहायता दी गई।

आखिर किसका है मोबाइल
पूरे केस में पुलिस मोबाइल की बरामदगी अहम मान रही है। एक ओर यह मोबाइल एक पीड़ित बच्चे का बताया जा रहा है, जिसे आरोपी ने छीनकर कहीं गायब करा दिया। वहीं दूसरी ओर मोबाइल आरोपी का बताया जा रहा है।
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सभी एनजीओ की जांच करेगा प्रशासन

जुल्फिकार खान की करतूत सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने बच्चों से जुड़े शहर के अन्य एनजीओ की भी जांच कराने का फैसला किया है। प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने इसके लिए आदेश दे दिए हैं। सोशल वेलफेयर विभाग को सभी ऐसे एनजीओ की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

चंडीगढ़ में ऐसे पचास से अधिक एनजीओ हैं। इनमें से कुछ स्लम बस्तियों और कुछ सेक्टरों में चल रहे हैं। जुल्फिकार खान द्वारा बच्चों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद प्रशासन के अधिकारियों के भी होश उड़े हुए हैं। कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जुल्फिकार के काफी करीबी संबंध रहे हैं।

शिक्षा विभाग खाली कराएगा स्कूल बिल्डिंग
सेक्टर-24 गवर्नमेंट स्कूल में जुल्फिकार को चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने गरीब बच्चों के लिए बिल्डिंग का काफी बड़ा हिस्सा फ्री में दिया हुआ था। लेकिन यौन शोषण मामले में जुल्फिकार का नाम आने के बाद प्रशासन अब जगह को खाली करा सकता है। यूटी प्रशासन ने पूरे मामले में डीपीआई (स्कूल) से रिपार्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच पूरी होने तक कमरे सील रहेंगे और बाद में जगह को खाली करा लिया जाएगा।

यह काफी गंभीर मामला है। शहर में चल रहे अन्य एनजीओ की स्थिति की भी जांच की जाएगी। प्रशासन के लिए बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।
- विजय कुमार देव, एडवाइजर यूटी
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