छत्तीसगढ़ नसबंदी कांड के बाद एक और ऐसा ही कांड सामने आया है। इस बार मामला हरियाणा के महेंद्रगढ़ का है।
छत्तीसगढ़ में सरकारी अस्पतालों में संसाधनों का अभाव और नसबंदी शिविरों में बरती जाने वाली लापरवाही से महिलाओं की मौत का मामला देश भर में चर्चा का मुद्दा बना है, इसके बावजूद राज्य सरकारें कोई सबक लेती नहीं दिख रही।
अब महेंद्रगढ़ में सामान्य अस्पताल में आयोजित नसंबदी कैंप में आई 60 महिलाओं को बेहोशी (एनेस्थिसिया) का इंजेक्शन दे दिया गया, लेकिन ऑपरेशन केवल 30 महिलाओं के ही किए गए।
लापरवाही की हद, जमीन पर लिटा दिया
मामले में लापरवाही की हद तो तब हो गई जब बेड खाली होने के बावजूद ऑपरेशन के बाद महिलाओं को खेल ग्राउंड में जमीन पर ही लेटा दिया गया।
चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की इस लापरवाही पर महिलाओं के साथ आए तीमारदारों ने हंगामा कर दिया। इसकी सूचना पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो चिकित्सालय स्टाफ ने महिलाओं को बेड पर शिफ्ट किया।
महिलाओं की तबीयत बिगड़ी
उधर जिन महिलाओं के ऑपरेशन नहीं हो पाए थे, उन्हें अगले शिविर में आने का कह लौटा दिया गया। हालांकि इनमें से कई महिलाओं की तबियत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगी थी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था नहीं थी इंजेक्शन नहीं लगाने चाहिए थे। चिकित्सालय प्र्रशासन ने पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश (एक दिन में 30 से अधिक ऑपरेशन नहीं किए जा सकते) का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।