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यूनिवर्सिटी में शिक्षिका से शारीरिक शोषण, खुदकुशी की धमकी

Fri, 11 Dec 2015 01:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट में महिला फैकल्टी के शोषण के आरोपों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। इस बार एक शिक्षिका ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। शिक्षिका ने डिपार्टमेंट के ही एक फैकल्टी पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को महिला थाने में इसकी शिकायत दी।
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शिक्षिका को इस कद्र परेशान किया गया है कि उसने अपने अधिकारियों को लिखे शिकायत पत्र में आत्महत्या के लिए मजबूर होने तक की बात कही है। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ ने बीचबचाव कर दोनों पक्षों में समझौता कराकर मामले को दबा दिया। हालांकि महिला एसएचओ का कहना है कि उनके पास समझौता होने जैसी कोई सूचना नहीं है।    

मामला यूनिवर्सिटी के एक डिपार्टमेंट का है। पीड़ित शिक्षिका ने महिला थाने में दी शिकायत में बताया कि डिपार्टमेंट के ही एक फैकल्टी उसका मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिक्षिका के महिला थाने पहुंचते ही यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोपहर को आरोपी फैकल्टी और पीड़ित को थाने में बुलाया।
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काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच तनातनी का माहौल बना रहा। सूत्रों की मानें तो इसी दौरान वहां पर एक महिला अधिवक्ता को भी बुला लिया गया। महिला अधिवक्ता ने महिला फैकल्टी से पूछताछ की और समझौते की सलाह दी। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद आखिरकार पीड़ित भी समझौते के लिए तैयार हो गई। दोनों पक्षों में समझौते के बाद मामले को शांत करा दिया गया।
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अधिकारियों को कई माह पहले शिकायत

सूत्रों के अनुसार, पिछले कई माह से पीड़ित का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने यूनिवर्सिटी अधिकारियों को भी दी थी।

पीड़ित ने शिकायत में चेताया भी कि मेरे सामने ऐसे हालात पैदा कर दिए गए हैं कि मैं सुसाइड भी कर सकती हूं। पीड़ित की शिकायत के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कमेटी भी गठित की। कई माह बीतने के बाद भी कमेटी किसी निष्कर्ष पर  नहीं पहुंची।

महिला कर्मचारी के साथ भी हुआ था शारीरिक शोषण
स्टेट यूनिवर्सिटी में महिलाओं के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पूर्व एक महिला कर्मचारी ने यूनिवर्सिटी के डीन समेत कई लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह मामला भी कई दिनों तक सुर्खियों में रहा। आखिरकार पीड़ित पर दबाव बनाकर समझौता करा दिया गया।

दिन भर चला हंगामा, वीसी बोले मुझे पता नहीं
यूनिवर्सिटी में भले ही महिला फैकल्टी के साथ उत्पीड़न को लेकर दिनभर हंगामा चलता रहा हो। मामला थाने तक भी पहुंचा, लेकिन यूनिवर्सिटी के मुखिया वीसी अश्वनी सब्बरवाल इससे अनभिज्ञता ही जताते रहे।

देर शाम जब अमर उजाला ने वीसी से बात की तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले से साफ इंकार कर दिया। कहा कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो पता कर जांच कराएंगे।

वर्जन
महिला फैकल्टी ने थाने में शिकायत दी थी। मैं दिन भर किसी कार्यक्रम में बाहर रही। इसलिए समझौता हुआ या नहीं इसकी जानकारी अभी मुझे नहीं है।
- गरिमा, इंस्पेक्टर महिला थाना।
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