महिला से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में थाना कूमकलां के मुख्य मुंशी एएसआई हरदीप सिंह को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। हरदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया तो उसमें थाना कूमकलां के प्रभारी सब इंस्पेक्टर परमजीत सिंह और एएसआई रणधीर सिंह भी कसूरवार मिले। इसके बाद विजिलेंस ने दोनों को भी नामजद कर लिया।
दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। उधर, विजिलेंस के पास एएसआई हरदीप सिंह का रिमांड चल रहा है, जिसे शनिवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस लगातार आरोपी एएसआई हरदीप सिंह से पूछताछ करने में जुटी है।
एसएसपी विजिलेंस रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि एकता नाम की महिला ने तीनों के खिलाफ शिकायत दी थी कि उसके भाई के खिलाफ मारपीट के केस और उसमें भाई की तरफ से दर्ज करवाई गई क्रॉस एफआईआर की जांच में आरोपी पैसे मांग रहे थे। थाना प्रभारी पर एक लाख रुपये जबकि एएसआई रणधीर पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था। जबकि मुख्य मुंशी ने 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उसे विजिलेंस ने काबू कर लिया था।
एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी परमजीत और एएसआई रणधीर सिंह के मामले में शामिल होने की जांच की गई थी। एकता के आरोप सही मिले। इसके बाद विजिलेंस ने दोनों को भी नामजद कर लिया। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी परमजीत सिंह और एएसआई रणधीर सिंह अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है, जल्द ही उन्हें भी काबू कर लिया जाएगा।