सामूहिक दुष्कर्म मामले में थाना दाखा एसएचओ और एडिशनल एसएचओ पर गाज गिर गई है। मामले की जांच के लिए आईजी वी नीरजा के आने के बाद इन दोनों अफसरों पर कार्रवाई की गई है। डीआईजी लुधियाना रेंज रणवीर सिंह खटड़ा ने बताया कि एसएचओ राजन परमिंदर को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि एडशिनल एसएचओ जरनैल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। रविवार बाद दोपहर थाना दाखा में नए एसएचओ को तैनात कर दिया गया।
वहीं पहले सस्पेंड किए गए एएसआई विद्यारतन को डिसमिस कर दिया गया है। 9 फरवरी की रात को पीड़ित युवक का दोस्त थाना दाखा में रात 10.20 मिनट पर मदद मांगने पहुंच गया था। वहां पर एएसआई विद्या रत्न ड्यूटी पर था। युवक अपने साथियों को छुड़ाने के लिए एएसआई की मिन्नतें करता रहा। रात 11.45 बजे विद्या रत्न अपने साथ एक मुलाजिम को लेकर थाने से घटनास्थल के लिए रवाना हुए। एक घंटे 25 मिनट तक एएसआई ने कुछ नहीं किया। आईजी वी नीरजा ने थाने में लगे कैमरे से इस पूरे घटनाक्रम की फुटेज भी चेक की।
उस दिन थाना प्रभारी राजन परमिंदर सिंह ड्यूटी पर नहीं थे, इसलिए जरनैल सिंह बतौर एडिशनल प्रभारी काम देख रहे थे। एएसआई विद्या रत्न ने घटना की जानकारी उन्हें दी, लेकिन इतने बड़ा मामला होने के बावजूद जरनैल सिंह ने किसी सीनियर अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी। इसी कारण जरनैल सिंह को निलंबित किया गया। वहीं घटना के अगले दिन देर शाम तक जब तक पीड़िता और उसका दोस्त थाने पहुंचे, थाना प्रभारी ड्यूटी पर आ गए थे, लेकिन उसने भी किसी सीनियर अफसर को जानकारी नहीं दी।