एमडीयू रोहतक में एक बार फिर से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। छात्रा ने प्रोफेसर पर उंगली उठाते हुए आरोप लगाए हैं। फार्मेसी डिपार्टमेंट की छात्रा का कहना है कि उक्त प्रोफेसर का व्यवहार सामान्य प्रोफेसर के जैसा नहीं है और वे उसे अपने साथ घूमने चलने के लिए कहते हैं।
शिकायत पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं यौन हिंसा रोकथाम समिति को मामले की जांच सौंप दी है। दरअसल, डिपार्टमेंट की एक छात्रा ने कई दिन पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन को शिकायत दी थी।
इसमें छात्रा ने आरोप लगाया है कि डिपार्टमेंट के ही एक एसोसिएट प्रोफेसर उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उनका व्यवहार सामान्य शिक्षक की तरह नहीं है। छात्रा ने कई अन्य आरोप भी लगाएं हैं।
मामला संज्ञान में आने के कई दिन बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी जांच की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी की समिति को दी है। बृहस्पतिवार को समिति के पदाधिकारियों ने कई घंटे तक गोपनीय मीटिंग की। समिति के पदाधिकारियों ने छात्रा से पूरे मामले की जानकारी ली और उससे लिखित शिकायत भी ली गई।
पहले भी सामने आए थे यौन शोषण के केस
rape with minor
बता दें कि इससे पहले भी यूनिवर्सिटी में यौन शोषण के मामले सामने आ चुके हैं। उधर, इस मामले में संबंधित प्रोफेसर के पास फोन किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
एसो. प्रोफेसर से भी मांगा गया जवाब
सूत्रों की मानें तो समिति ने संबंधित एसो. प्रोफेसर से भी जवाब मांगा है और उन्हें तीन-चार दिन का समय दिया गया है। प्रोफेसर का जवाब आने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
खुदकुशी के बाद हरकत में आया प्रशासन
सूत्रों की मानें तो यूनिवर्सिटी प्रशासन को यह शिकायत कई दिन पहले मिल चुकी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो दिन पहले यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रा की खुदकुशी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन अचानक हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से मामले की जांच की जिम्मेदारी समिति को सौंपी गई।