एआईपीएमटी पेपर लीक करने के आरोपियों ने एक अजीब ही खेल का खुलासा किया है। रोल नंबर मिलने के साथ ही इस गैंग को पता चल जाता था कि परीक्षार्थी के पास कौन सी सीरीज का पेपर आने वाला है।
आरोपियों ने इसके लिए पूरा गुणा गणित का एक सेट फार्मूला तैयार कर रखा है। वे रोल नंबर के अंत के 3 नंबरों को 4 से भाग कर देते थे। इसके बाद जो अंक बचता था, उससे अंदाजा लग जाता था कि परीक्षार्थी के पास कौन सी सीरीज का पेपर आया है।
कुछ ऐसे समझें इस फार्मूले को
मान लिया एक अभ्यर्थी कमल का रोल नंबर 23478945 है। रोल नंबर के अंतिम तीन अंक 945 हैं। 945 को 4 से भाग कर दें। इसके बाद शेष बचेगा 1 अर्थात कमल के पास ए सीरीज का पेपर आया है।
इसी तरह अपने परीक्षार्थियों के रोल नंबर को गुणा भाग कर वे सीरीज का पता लगा लेते थे। हालांकि कई बार उनकी परेशानियां भी बढ़ जाती थी कि सीटिंग प्लान बदल जाता है।
2 लड़कियां व 7 लड़के थे कैंडीडेट
सामने आया है कि तीन अलग-अलग लोगों के कुल 9 कैंडीडेट थे। इनमें दो लड़कियां और 7 लड़के शामिल हैं। इनमें राजेश के पास गोहाना के दो ग्राहक थे, जिनमें एक लड़की और एक लड़का था।
डा. भूपेंद्र सांगवान के 3 ग्राहक थे, जिनमें एक हिसार, एक गोहाना और करनाल की लड़की शामिल थी। रवि के पास कुल 5 कैंडीडेट थे जिनमें पांचों लड़के थे और उनमें एक-दो जयपुर के भी हैं।